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एटा: आखिर कैसे हुई परीक्षा केंद्र के लिए भरी गए ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़
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आखिर कैसे हुई परीक्षा केंद्र के लिए भरे गए ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़
बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 101 केंद्र बनाने की अंतरिम सूची जारी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 101 केंद्र बनाने की माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा अंतरिम सूची जारी की गई है। इस पर कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गईं हैं। कुछ केंद्र नहीं बने, जो बीते वर्षों से बनते चले आ रहे थे। कहीं विद्यालयों के ऊपर हाईटेंशन लाइन तो कहीं विद्यालयों में गेट न होने की बात दर्शाई गई है। जबकि ऑनलाइन भरे गए विवरण में ऐसा कुछ नहीं था। ऐसे में प्रधानाचार्य, प्रबंधक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़ कैसे हुई?
मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के मायावती कन्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय भारद्वाज ने बताया कि जांच के समय लेखपाल आए थे। उन्होंने पूरी जानकारी भरी थी। विद्यालय में लोहे का गेट लगा हुआ है। मोबाइल पर मेसेज आने पर केंद्र न बनने की जानकारी हुई। तब जाकर आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कहीं न कहीं डाटा से कुछ छेड़छाड़ हुई है। वहीं अलीगंज क्षेत्र के अचलपुर में स्थित वीरांगना अवंतीबाई इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने गेट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया विद्यालय में लोहे का गेट लगा है। जबकि त्रुटि द्वारा दर्शाया गया है कि विद्यालय का गेट लोहे का नहीं है। प्रधानाचार्यों का कहना है ऐसा ही कई विद्यालयों के साथ हुआ है।
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वर्जन
मई-जून में संसाधन मैपिंग से विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। जिस प्रकार से अपलोड किया गया, वह नहीं आया। इसमें कहीं से कुछ त्रुटि हुई है। इसकी बोर्ड से जानकारी की जा रही है।
- मिथलेश कुमार, डीआईओएस
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बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 101 केंद्र बनाने की अंतरिम सूची जारी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 101 केंद्र बनाने की माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा अंतरिम सूची जारी की गई है। इस पर कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गईं हैं। कुछ केंद्र नहीं बने, जो बीते वर्षों से बनते चले आ रहे थे। कहीं विद्यालयों के ऊपर हाईटेंशन लाइन तो कहीं विद्यालयों में गेट न होने की बात दर्शाई गई है। जबकि ऑनलाइन भरे गए विवरण में ऐसा कुछ नहीं था। ऐसे में प्रधानाचार्य, प्रबंधक सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़ कैसे हुई?
मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के मायावती कन्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय भारद्वाज ने बताया कि जांच के समय लेखपाल आए थे। उन्होंने पूरी जानकारी भरी थी। विद्यालय में लोहे का गेट लगा हुआ है। मोबाइल पर मेसेज आने पर केंद्र न बनने की जानकारी हुई। तब जाकर आपत्ति दर्ज कराई है।
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उन्होंने कहा कहीं न कहीं डाटा से कुछ छेड़छाड़ हुई है। वहीं अलीगंज क्षेत्र के अचलपुर में स्थित वीरांगना अवंतीबाई इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने गेट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया विद्यालय में लोहे का गेट लगा है। जबकि त्रुटि द्वारा दर्शाया गया है कि विद्यालय का गेट लोहे का नहीं है। प्रधानाचार्यों का कहना है ऐसा ही कई विद्यालयों के साथ हुआ है।
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वर्जन
मई-जून में संसाधन मैपिंग से विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। जिस प्रकार से अपलोड किया गया, वह नहीं आया। इसमें कहीं से कुछ त्रुटि हुई है। इसकी बोर्ड से जानकारी की जा रही है।
- मिथलेश कुमार, डीआईओएस