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एटा महोत्सव : मथुरा छूटी, छूटी द्वारिका इंद्रप्रस्थ ठुकराऊं...
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एटा। एटा महोत्सव में रविवार की रात को हुए कार्यक्रम साज में कुमार विश्वास की आवाज और गीतों ने श्रोताओं को बांध दिया। रात 12:30 बजे तक हुए कार्यक्रम में श्रोता कुर्सियों पर जमे रहे। कुमार विश्वास के अलावा अन्य कवि व कवियत्रियों ने भी अपनी रचनाओं से शमा बांधा। कुमार विश्वास ने नया गीत पढ़ते हुए कहा कि मथुरा छूटी, छूटी द्वारिका इंद्रप्रस्थ ठुकराऊं, बंशी छूटी, गोकुल छूटा, कब तक चक्र उठाऊं।
उद्घाटन पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा और ममतेश शाक्य ने किया। कविता तिवारी ने पढ़ा, प्यार की खुशबू का समुंदर हूं मैं, मुस्कराता हुआ सहोमंजर हूं मैं। जानती हूं कि तू मेरी तकदीर है, मान भी जा कि तेरा मुकद्दर हूं मैं। नोएडा से आए हास्य कवि कुशल कुशवाहा ने कहा कि हमको रोमियो समझ के अंदर न करा दें, यूपी के ये कुंवारे सब सोच रहे हैं, बाबा भी अपनी तरह बाना न बना दें।
मुंबई से आए हास्य कवि दिनेश बावड़ा ने अपने व्यंग्यों से सभी को हंसाकर लोटपोट कर दिया। कहा कि एक संत ने टीवी पर प्रवचन देते हुए कहा कि अगर आप मोह माया से दूर रहना चाहते हैं तो मुझे लाइक कीजिए। साथ ही मेरा यू-ट्यूब चैनल सबस्क्राइब कीजिए। सुरेंद्र दुबे ने, एटा में एक बात खास है, यहां हर आदमी झक्कास है पर तालियां बजवाईं। मदनमोहन समर, मुमताज नसीम ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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अंत में कुमार विश्वास के माइक पर आते ही लोग उत्साहित हो गए। तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। शुरूआत अपने सबसे अधिक मशहूर गीत कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है से की। श्रोताओं ने भी गीत गाकर उनका साथ दिया। इस दौरान डीएम अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदयशंकर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी, एडीएम प्रशासन आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
नहीं मिली सीट तो खड़े होकर सुना
कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास के कार्यक्रम में लोगों के लिए पास की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जगह कम पड़ गई और तमाम लोगों को खड़े होकर ही कवि सम्मेलन सुनना पड़ा। वहीं देर रात तक लोग ठंड में खड़े होकर सम्मेलन का आनंद लेते नजर आए।
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उद्घाटन पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा और ममतेश शाक्य ने किया। कविता तिवारी ने पढ़ा, प्यार की खुशबू का समुंदर हूं मैं, मुस्कराता हुआ सहोमंजर हूं मैं। जानती हूं कि तू मेरी तकदीर है, मान भी जा कि तेरा मुकद्दर हूं मैं। नोएडा से आए हास्य कवि कुशल कुशवाहा ने कहा कि हमको रोमियो समझ के अंदर न करा दें, यूपी के ये कुंवारे सब सोच रहे हैं, बाबा भी अपनी तरह बाना न बना दें।
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मुंबई से आए हास्य कवि दिनेश बावड़ा ने अपने व्यंग्यों से सभी को हंसाकर लोटपोट कर दिया। कहा कि एक संत ने टीवी पर प्रवचन देते हुए कहा कि अगर आप मोह माया से दूर रहना चाहते हैं तो मुझे लाइक कीजिए। साथ ही मेरा यू-ट्यूब चैनल सबस्क्राइब कीजिए। सुरेंद्र दुबे ने, एटा में एक बात खास है, यहां हर आदमी झक्कास है पर तालियां बजवाईं। मदनमोहन समर, मुमताज नसीम ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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अंत में कुमार विश्वास के माइक पर आते ही लोग उत्साहित हो गए। तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। शुरूआत अपने सबसे अधिक मशहूर गीत कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है से की। श्रोताओं ने भी गीत गाकर उनका साथ दिया। इस दौरान डीएम अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदयशंकर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी, एडीएम प्रशासन आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
नहीं मिली सीट तो खड़े होकर सुना
कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास के कार्यक्रम में लोगों के लिए पास की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जगह कम पड़ गई और तमाम लोगों को खड़े होकर ही कवि सम्मेलन सुनना पड़ा। वहीं देर रात तक लोग ठंड में खड़े होकर सम्मेलन का आनंद लेते नजर आए।