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एटा: धान की 5 हजार और बाजरा की 13 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद

Mon, 10 Oct 2022 08:09 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2022 08:09 PM IST
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Etah: 5 thousand hectares of paddy and 13 thousand hectares of millet wasted
गांव बरौली में बारिश से गिरी धान की फसल। संवाद - फोटो : ETAH
एटा। तीन दिन बाद सोमवार को बारिश थमी रही, जिससे शहर के लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन गांव के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
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खेतों में भरे पानी से कटी पड़ी फसलें सड़ रही हैं। तीन दिन की भारी बारिश से धान की 5 हजार तो बाजरा की करीब 13 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। धान की फसल का दाना खराब हो रहा है। तो खेत में भीगा पड़ा अंकुरित होने लगा है। बरसात के चलते अधिकांश किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से डूब गई है। धान और बाजरा के अलावा सरसों की फसल में करीब 2 हजार हेक्टेयर की बुवाई बर्बाद हो गई।
कृषि विभाग कर रहा फसल नुकसान का सर्वे
उप कृषि निदेशक रोताश सिंह ने बताया कि फसल बर्बादी के पहले सर्वे में धान की फसल में लगभग 30 फीसदी, बाजरा की फसल में 28 फीसदी और सरसों की फसल में करीब 10 फीसदी का नुकसान सामने आया है।
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वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में फसल बर्बाद होने का सर्वे अभी जारी है। जिले में 8 एडीओ कृषि की ड्यूटी सर्वे करने पर लगाई है।
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बोले किसान...
20 बीघा खेत में किए गए धान की लागत निकालना मुश्किल
निधौली कलां क्षेत्र के गांव नगला सइंया निवासी नीरज कुमार का कहना है कि उन्होंने 20 बीघा खेत में धान की फसल की थी। फसल की बुवाई से लेकर सिंचाई तक का खर्चा करीब 45 हजार रुपये लग चुका है। बारिश में खड़ा हुआ धान खेत में गिरकर खराब हो गया है। अब सिर्फ 20 क्विंटल उत्पादन ही मिलने की संभावना है। जो बाजार में सिर्फ 40 हजार रुपये तक का बिक सकेगा, इससे लागत निकलना भी मुश्किल है।
15 बीघा खेत में बाजरा की फसल से मुनाफा निकालना मुश्किल
निधौली कलां क्षेत्र के गांव गदुआ निवासी राधाचरण ने करीब 15 बीघा खेत में बाजरा की फसल की थी, जिसमें करीब 30 हजार रुपये की लागत आई। उन्होंने बताया कि बारिश होने की वजह से पूरा बाजरा भीग गया और खेत में गिर गया। बाली भीगकर खराब हो गईं। 30 क्विंटल उत्पादन मिलना मुश्किल है। मंडी में बाजरा 1600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकता है। ऐसे में 48 हजार रुपये का बिकना भी मुश्किल है।

जिले में किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन के लिए आठ टीम बनाई गई हैं। प्रथम दृष्टया धान में 30 फीसदी, बाजरा 28 और सरसों में 10 फीसदी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
- डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी
जिले में है इतना रकबा
फसल- रकबा (प्रति हेक्टेयर)
धान-18047
मक्का- 27976
बाजरा- 49390
उर्द - 993
मूंग- 370
अरहर- 2677
मूंगफली- 484
तिल- 516
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