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एटा : 1448 किसानों को मिलेगा अतिवृष्टि से नुकसान का मुआवजा
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अवागढ़ में बिछी फसल फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। लंबी कवायद के बाद राजस्व विभाग ने अतिवृष्टि से फसलों में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके मुताबिक जिले के 1448 किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। कुल 219 हेक्टेयर जमीन की फसल बर्बाद मानी गई है।
अक्तूबर में कई बार हल्की और तेज बारिश हुई थी। तेज हवाएं भी चलीं। जिसका प्रतिकूल प्रभाव धान और बाजरा की फसलों पर सबसे ज्यादा पड़ा। जिले में तमाम किसानों की फसल बरसात की वजह से बर्बाद हो गई।
जिले के सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सर्वे कराने का अनुरोध किया। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों में बर्बाद फसल का आंकलन करना शुरू किया। इस कार्य में लंबा वक्त लगा। अब जाकर रिपोर्ट तैयार हो पाई है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जहां से इसे मंजूरी मिलने पर किसानों के बैंक खातों में फसल क्षति मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी।
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तहसील वार क्षति आकलन
तहसील - किसान - फसल (हेक्टेयर में)
एटा - 635 - 114
अलीगंज - 532 - 55
जलेसर - 261 - 50
किसान संगठनों को नहीं भाई रिपोर्ट
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य कहते हैं कि फसलों को काफी नुकसान हुआ था। हजारों की संख्या में किसान प्रभावित हुए। सरकार तो सभी पात्रों को मुआवजा देना चाहती है, लेकिन प्रशासन ने फसल और किसानों की संख्या बेहद कम दर्शाई है।
अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा कि सरकारी मुआवजा वैसे ही काफी कम होता है। उसमें भी तमाम पीड़ित किसानों को छोड़ दिया गया है। उनके जख्मों पर मरहम तक नहीं लगाया जा रहा है। सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।
फसलों के नुकसान का सर्वे लेखपालों के माध्यम से करा लिया गया है। तीनों तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। 1448 किसानों की 219 हेक्टेयर जमीन की फसल बारिश से प्रभावित पाई गई है। इसके अनुसार किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
- आयुष चौधरी, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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अक्तूबर में कई बार हल्की और तेज बारिश हुई थी। तेज हवाएं भी चलीं। जिसका प्रतिकूल प्रभाव धान और बाजरा की फसलों पर सबसे ज्यादा पड़ा। जिले में तमाम किसानों की फसल बरसात की वजह से बर्बाद हो गई।
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जिले के सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सर्वे कराने का अनुरोध किया। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों में बर्बाद फसल का आंकलन करना शुरू किया। इस कार्य में लंबा वक्त लगा। अब जाकर रिपोर्ट तैयार हो पाई है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जहां से इसे मंजूरी मिलने पर किसानों के बैंक खातों में फसल क्षति मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी।
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तहसील वार क्षति आकलन
तहसील - किसान - फसल (हेक्टेयर में)
एटा - 635 - 114
अलीगंज - 532 - 55
जलेसर - 261 - 50
किसान संगठनों को नहीं भाई रिपोर्ट
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य कहते हैं कि फसलों को काफी नुकसान हुआ था। हजारों की संख्या में किसान प्रभावित हुए। सरकार तो सभी पात्रों को मुआवजा देना चाहती है, लेकिन प्रशासन ने फसल और किसानों की संख्या बेहद कम दर्शाई है।
अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा कि सरकारी मुआवजा वैसे ही काफी कम होता है। उसमें भी तमाम पीड़ित किसानों को छोड़ दिया गया है। उनके जख्मों पर मरहम तक नहीं लगाया जा रहा है। सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।
फसलों के नुकसान का सर्वे लेखपालों के माध्यम से करा लिया गया है। तीनों तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। 1448 किसानों की 219 हेक्टेयर जमीन की फसल बारिश से प्रभावित पाई गई है। इसके अनुसार किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
- आयुष चौधरी, एडीएम वित्त एवं राजस्व