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कर्मचारियों ने लगाया प्लांट हैड़ पर उत्पीडन का आरोप : फोटो 18
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अनिक फैक्टरी में काम बंद कराके प्रदर्शन करते कर्मचारी- संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। अनिक मिल्क फैक्टरी के कर्मचारियों को निकाले जाने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। वे एडीएम के पास पहुंचे, एडीएम ने डीएम के आने तक याथस्थित की बनाए रखने की अपील की थी। रविवार को जब कर्मचारी फैक्टरी में पहुंचे तो उनके मोबाइल जमा करा लिए गए। वहीं फैक्टरी मैनेजर ने कर्मचारियों को सभागार में बैठा दिया और कार्य नहीं करने दिया। गुस्साए कर्मचारियों ने फैक्टरी परिसर में नारेबाजी की।
नवंबर माह में 29 संविदा कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए एक माह का समय देकर निकालने को पत्र दिया। इस पर सभी कर्मचारी डीएम के पास पहुंचे। उन्होंने डीएम से कहा कि वह 17 वर्ष से कंपनी में कार्य कर रहे है। बिना नोटिस निकालने का फरमान जारी किया है। डीएम ने श्रम उपायुक्त से मामले की जांच कराने का अश्वासन दिया था। एडीएम प्रशासन केपी सिंह ने फैक्टरी मैनेजर से बात कर डीएम के आने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
रविवार को कर्मचारी अपने समय से फैक्टरी पहुंचे तो 29 कर्मचारियों के मोबाइल जमा करा लिए गए। उनको कार्य न करने की जगह सभागार में बैठा दिया। इस पर कर्मचारियों ने वहां नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी कमलेश शर्मा ने बताया कि यहां कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कंपनी किसी भी अधिकारी की बात नहीं मान रही है।
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दिया जाएगा पीएफ
यह सभी कर्मचारी ठेकेदार द्वारा लिए गए थे। तीन वर्ष का कंपनी ने जो पीएफ काटा है। वह इनको दिया जाएगा। कार्य प्रभावित न हो इसके लिए मोबाइल जमा कराए गए है।
आरएस तिवारी, प्लांट मैनेजर।
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नवंबर माह में 29 संविदा कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए एक माह का समय देकर निकालने को पत्र दिया। इस पर सभी कर्मचारी डीएम के पास पहुंचे। उन्होंने डीएम से कहा कि वह 17 वर्ष से कंपनी में कार्य कर रहे है। बिना नोटिस निकालने का फरमान जारी किया है। डीएम ने श्रम उपायुक्त से मामले की जांच कराने का अश्वासन दिया था। एडीएम प्रशासन केपी सिंह ने फैक्टरी मैनेजर से बात कर डीएम के आने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
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रविवार को कर्मचारी अपने समय से फैक्टरी पहुंचे तो 29 कर्मचारियों के मोबाइल जमा करा लिए गए। उनको कार्य न करने की जगह सभागार में बैठा दिया। इस पर कर्मचारियों ने वहां नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारी कमलेश शर्मा ने बताया कि यहां कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कंपनी किसी भी अधिकारी की बात नहीं मान रही है।
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दिया जाएगा पीएफ
यह सभी कर्मचारी ठेकेदार द्वारा लिए गए थे। तीन वर्ष का कंपनी ने जो पीएफ काटा है। वह इनको दिया जाएगा। कार्य प्रभावित न हो इसके लिए मोबाइल जमा कराए गए है।
आरएस तिवारी, प्लांट मैनेजर।