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Etah News: उमस भरी गर्मी में बेचैन हो रहे बुजुर्ग, फूल रही सांस, 160 ने लिया उपचार
Mon, 15 Jun 2026 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:26 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ चेस्ट डिसीज एंड ट्यूबरक्लोसिस (टीबीसीडी) विभाग में गर्मी अधिक होने की वजह से सबसे अधिक सांस की दिक्कत के मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचे। सोमवार को यहां पर सांस समेत अन्य बीमारी के कुल 160 मरीजों को उपचार दिया गया।
क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांक ने बताया कि उमस भरी गर्मी के साथ धूल भरी हवा चलने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उनकी सांस फूल रही है। बताया कि 50 से अधिक उम्र के लोग उपचार के लिए लेने के लिए आ रहे हैं। बताया कि सांस उखड़ने और फूलने की समस्या को लेकर कुल 160 मरीजों को उपचार दिया गया। वहीं क्षय रोग के साथ बलगम, एलर्जी, खांसी की समस्या समेत अन्य मरीजों को उपचार दिया गया। बताया कि दोपहर में लोग धूप में अनावश्यक रूप से नहीं निकलें। आवश्यक होने पर सिर पर गमछा या छाता लगाकर और मास्क का प्रयोग करके ही निकलें। अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें।
रेबीज जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को दी जानकारी
एटा। मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर संचालित प्रदेशव्यापी समेकित जनकल्याण एवं जागरूकता अभियान के तहत रेबीज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को ग्राम पाती में किया।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित वन हेल्थ एवं जूनोटिक रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जारी दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ते अथवा अन्य संदिग्ध पशु द्वारा काट लिया जाए तो घाव को तुरंत साबुन और बहते हुए स्वच्छ पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी-रेबीज टीकाकरण एवं आवश्यक उपचार प्राप्त करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने की। इस दौरान डॉ. अनुप्रिया, डॉ. सरताज, इंटर्न डॉ. फैज़ल आजाद एवं विभाग के सोशल वर्कर्स सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांक ने बताया कि उमस भरी गर्मी के साथ धूल भरी हवा चलने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उनकी सांस फूल रही है। बताया कि 50 से अधिक उम्र के लोग उपचार के लिए लेने के लिए आ रहे हैं। बताया कि सांस उखड़ने और फूलने की समस्या को लेकर कुल 160 मरीजों को उपचार दिया गया। वहीं क्षय रोग के साथ बलगम, एलर्जी, खांसी की समस्या समेत अन्य मरीजों को उपचार दिया गया। बताया कि दोपहर में लोग धूप में अनावश्यक रूप से नहीं निकलें। आवश्यक होने पर सिर पर गमछा या छाता लगाकर और मास्क का प्रयोग करके ही निकलें। अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें।
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रेबीज जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को दी जानकारी
एटा। मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर संचालित प्रदेशव्यापी समेकित जनकल्याण एवं जागरूकता अभियान के तहत रेबीज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को ग्राम पाती में किया।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित वन हेल्थ एवं जूनोटिक रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जारी दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ते अथवा अन्य संदिग्ध पशु द्वारा काट लिया जाए तो घाव को तुरंत साबुन और बहते हुए स्वच्छ पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी-रेबीज टीकाकरण एवं आवश्यक उपचार प्राप्त करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने की। इस दौरान डॉ. अनुप्रिया, डॉ. सरताज, इंटर्न डॉ. फैज़ल आजाद एवं विभाग के सोशल वर्कर्स सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।