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बिना परीक्षा हो रहा एआरपी और केआरपी का चयन
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कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में नित नया कारनामा सामने आ रहा है। कभी प्रशिक्षण के लिए एक ही समय में शिक्षकों को अलग-अलग स्कूलों में उपस्थित होने का फरमान जारी किया जाता है तो अब रिसोर्स पर्सन चयन में मानकों की अनदेखी कर दी गई है। एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन), केआरपी (की रिसोर्स पर्सन) का चयन बिन परीक्षा के किया जा रहा है। विभाग सफाई दे रहा है कि चयन के लिए आवेदन न मिलने के कारण व्यवस्था में बदलाव करना पड़ रहा है।
एआरपी के लिए जिले में परीक्षा हुई। सबसे पहली परीक्षा में 35 एआरपी चयन के लिए आवेदन मांगे तो 44 आए, लेकिन योग्यता 34 ने हासिल की। जिसमें 10 एआरपी ऐसे थे जो एक ही विषय के थे। मेरिट के आधार पर उन्हें सूची से हटा दिया गया। 24 एआरपी का चयन हुआ। जिनमें 20 एआरपी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। 15 एआरपी के पद रिक्त थे। विभाग ने अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विषय के एआरपी चयन के लिए 24 फरवरी को परीक्षा कराई। शुक्रवार को इन परीक्षार्थियों के चयन को काउंसलिंग की गई, लेकिन एक बड़ी अनदेखी सामने आई।
बेसिक शिक्षा विभाग ने जिन विषयों की परीक्षा कराई उनके आवेदकों को बुलाया, बल्कि गणित विषय के एआरपी भी बुलाए। जिस विषय की परीक्षा ही नहीं हुई उस विषय के एआरपी काउंसलिंग के लिए बुला लिए गए। इसके अलावा सबसे बड़ी बात है कि सभी विकासखंडों में चयनित किए गए केआरपी के लिए तो कोई परीक्षा ही आयोजित नहीं हुई। जबकि नियम और मानकों के अनुसार परीक्षा का आयोजन जरूरी है।
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यह होता है काम
केआरपी : निष्ठा सहित समय-समय पर आयोजित होने वाले अन्य प्रशिक्षण देना।
एआरपी : स्कूलों में पहुंच संबंधित विषय में शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों को प्रोन्नत करना।
परीक्षा के लिए भेजे प्रश्नपत्र
एआरपी और केआरपी का चयन नियमानुसार किया जा रहा है। डायट से सभी विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा के लिए भेजे गए, जिनमें गणित के प्रश्नपत्र भी शामिल थे। परीक्षा के संबंध में अधीनस्थों से जानकारी करेंगे : मनोजगिरी, डायट प्राचार्य।
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एआरपी के लिए जिले में परीक्षा हुई। सबसे पहली परीक्षा में 35 एआरपी चयन के लिए आवेदन मांगे तो 44 आए, लेकिन योग्यता 34 ने हासिल की। जिसमें 10 एआरपी ऐसे थे जो एक ही विषय के थे। मेरिट के आधार पर उन्हें सूची से हटा दिया गया। 24 एआरपी का चयन हुआ। जिनमें 20 एआरपी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। 15 एआरपी के पद रिक्त थे। विभाग ने अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विषय के एआरपी चयन के लिए 24 फरवरी को परीक्षा कराई। शुक्रवार को इन परीक्षार्थियों के चयन को काउंसलिंग की गई, लेकिन एक बड़ी अनदेखी सामने आई।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने जिन विषयों की परीक्षा कराई उनके आवेदकों को बुलाया, बल्कि गणित विषय के एआरपी भी बुलाए। जिस विषय की परीक्षा ही नहीं हुई उस विषय के एआरपी काउंसलिंग के लिए बुला लिए गए। इसके अलावा सबसे बड़ी बात है कि सभी विकासखंडों में चयनित किए गए केआरपी के लिए तो कोई परीक्षा ही आयोजित नहीं हुई। जबकि नियम और मानकों के अनुसार परीक्षा का आयोजन जरूरी है।
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यह होता है काम
केआरपी : निष्ठा सहित समय-समय पर आयोजित होने वाले अन्य प्रशिक्षण देना।
एआरपी : स्कूलों में पहुंच संबंधित विषय में शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों को प्रोन्नत करना।
परीक्षा के लिए भेजे प्रश्नपत्र
एआरपी और केआरपी का चयन नियमानुसार किया जा रहा है। डायट से सभी विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा के लिए भेजे गए, जिनमें गणित के प्रश्नपत्र भी शामिल थे। परीक्षा के संबंध में अधीनस्थों से जानकारी करेंगे : मनोजगिरी, डायट प्राचार्य।