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Etah News: 1200 में मिट्टी का प्रेशर कुकर और 150 रुपये का तवा
Thu, 11 Apr 2024 10:53 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 11 Apr 2024 10:53 PM IST
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एटा। स्टील के बर्तनों को मिट्टी से बने बर्तन टक्कर दे रहे हैं। तमाम लोग इनको पसंद कर खरीद रहे हैं। यहां पानी की बोतल से लेकर तवा, प्रेशर कुकर सभी तरह के बर्तन उपलब्ध हैं।
पिछले एक महीने से शहर में मिट्टी के बर्तनों का कारोबार बढ़ा है। रंगीन और नए डिजाइन में तैयार ये बर्तन दिखने में जितने सुंदर हैं उतना ही अच्छा खाना सोंधी खुशबू के साथ इनमें बनाया जा सकता है।
कुम्हारों द्वारा गिलास, बोतल, मटके तैयार किये जा रहे है, जबकि तवा, कुकर, कैंपर, फ्राइंग पैन, थर्मस गुजरात, राजस्थान प्रांतों के कई शहरों से मंगाए जा रहे हैं। शहर में ठंडी सड़क, जीटी रोड पर इनकी दुकानें सजी हैं।
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मिट्टी के बर्तन बेचने वाले प्रदीप कुमार ने बताया कि कुछ साल से मिट्टी के बर्तनों का कारोबार खत्म जैसा हो गया था। लेकिन तापमान बढ़ने के बाद पिछले एक महीने में अचानक से लोग मिट्टी के बर्तनों की मांग करने लगे। इस समय कई बर्तन बिक रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग मिट्टी के तवे, गिलास, मटके, प्रेशर कुकर व पानी के घड़े की है। हर दिन 10 से 20 खाना बनाने वाले मिट्टी के बर्तन बिक जाते हैं।
दिनेश प्रजापति ने बताया कि इन बर्तनों में पौष्टिक खाना तैयार किया जा सकता है और इनसे तैयार खाने में मिट्टी की खुशबू आती है। मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ने से जहां स्वदेशी और पारंपरिक वस्तुओं को दुकान पर सजाने का मौका मिल रहा है। वहीं, कारोबार बढ़ने से परिवार के अन्य सदस्यों को भी रोजगार मिल रहा है। एक महीने में हर दिन 500 से दो हजार रुपये के नए बर्तन व रंगीन घड़े बिक जाते हैं।
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पिछले एक महीने से शहर में मिट्टी के बर्तनों का कारोबार बढ़ा है। रंगीन और नए डिजाइन में तैयार ये बर्तन दिखने में जितने सुंदर हैं उतना ही अच्छा खाना सोंधी खुशबू के साथ इनमें बनाया जा सकता है।
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कुम्हारों द्वारा गिलास, बोतल, मटके तैयार किये जा रहे है, जबकि तवा, कुकर, कैंपर, फ्राइंग पैन, थर्मस गुजरात, राजस्थान प्रांतों के कई शहरों से मंगाए जा रहे हैं। शहर में ठंडी सड़क, जीटी रोड पर इनकी दुकानें सजी हैं।
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मिट्टी के बर्तन बेचने वाले प्रदीप कुमार ने बताया कि कुछ साल से मिट्टी के बर्तनों का कारोबार खत्म जैसा हो गया था। लेकिन तापमान बढ़ने के बाद पिछले एक महीने में अचानक से लोग मिट्टी के बर्तनों की मांग करने लगे। इस समय कई बर्तन बिक रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग मिट्टी के तवे, गिलास, मटके, प्रेशर कुकर व पानी के घड़े की है। हर दिन 10 से 20 खाना बनाने वाले मिट्टी के बर्तन बिक जाते हैं।
दिनेश प्रजापति ने बताया कि इन बर्तनों में पौष्टिक खाना तैयार किया जा सकता है और इनसे तैयार खाने में मिट्टी की खुशबू आती है। मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ने से जहां स्वदेशी और पारंपरिक वस्तुओं को दुकान पर सजाने का मौका मिल रहा है। वहीं, कारोबार बढ़ने से परिवार के अन्य सदस्यों को भी रोजगार मिल रहा है। एक महीने में हर दिन 500 से दो हजार रुपये के नए बर्तन व रंगीन घड़े बिक जाते हैं।