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राहत की बूंदों’ ने खिलाए चेहरे
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Tue, 30 Jun 2015 10:41 PM IST
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मंगलवार का दिन लोगों के लिए राहत भरा रहा। सुबह से लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा है, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बरसात के चलते जहां बाजार देरी से खुले वहीं ग्राहक भी कम निकले। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। जीटी रोड और अन्य सड़कों पर गड्ढे होने से वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई।
कई दिन से उमस भरी गर्मी की मार झेल रहे लोगों के लिए मंगलवार का दिन सकून भरा रहा। काली घटाओं के साथ कभी तेज तो कभी रिमझिम हुई बरसात का क्रम सुबह से दोपहर तक टूटा नहीं। लगातार हुई बारिश से कुछ दुकानें तो देर से खुलीं तो जहां खुली वहां भीड़ कम दिखी। बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। शहर के घंटाघर, रेलवे रोड, सुभाष बाजार, एमपी नगर आदि स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में खासी परेशानी हुई। बरसात से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। छाता लगाकर और रेन कोट पहनकर निकले। बच्चों ने भी बारिश का मजा लिया। तापमान भी 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को गांधी मार्केट में मंगल बाजार लगता है। बाहर से माल खरीदकर लाने वाले छोटे-छोटे दुकानदार यहां फड़ लगाकर सामान बेचते हैं, लेकिन सुबह से हुई बारिश के चलते इनकी दुकानें नजर नहीं आईं। एक-दो ही दुकानदार सामान बेचते दिखाई दिए।
सड़कें उखड़ीं, रास्ता निकलना हुआ दुश्वार
जीटी, रेलव, शिकोहाबाद रोड, पीपल अड्डा आदि जगहों पर सड़क उखड़ने और गड्ढे होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, वहीं लोगों को भी निकलने में खासी दिक्कत उठानी पड़ीं। कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चुटैल भी हो गए।
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नाले नहीं हुए साफ
मानसून की शुरूआत हो गई है, लेकिन नगरपालिका शहर के नाले नालियों की सफाई नहीं करा पाई है। अभी भी 20 प्रतिशत नाले सफाई होने से रह गए हैं। बरसात के चलते नालों से निकली सिल्ट भी कई जगह नालों में गिरी दिखाई दी। पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने संबंधित कर्मचारियों को चार-पांच दिन के अंदर शेष रह गए नालों की सफाई पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के चहेरे खिले
सुबह से हो रही बरसात से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। इस बरसात से खरीफ की बुवाई में फायदा मिलेगा। आजकल होने वाली मक्का की बुवाई में अब दो तीन दिन का समय और लग जाएगा, लेकिन फिर भी किसान खुश हैं। बोले, खेत में नमी बढ़ेगी तो मक्का की अच्छी उपज होगी।
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कई दिन से उमस भरी गर्मी की मार झेल रहे लोगों के लिए मंगलवार का दिन सकून भरा रहा। काली घटाओं के साथ कभी तेज तो कभी रिमझिम हुई बरसात का क्रम सुबह से दोपहर तक टूटा नहीं। लगातार हुई बारिश से कुछ दुकानें तो देर से खुलीं तो जहां खुली वहां भीड़ कम दिखी। बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। शहर के घंटाघर, रेलवे रोड, सुभाष बाजार, एमपी नगर आदि स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में खासी परेशानी हुई। बरसात से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। छाता लगाकर और रेन कोट पहनकर निकले। बच्चों ने भी बारिश का मजा लिया। तापमान भी 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को गांधी मार्केट में मंगल बाजार लगता है। बाहर से माल खरीदकर लाने वाले छोटे-छोटे दुकानदार यहां फड़ लगाकर सामान बेचते हैं, लेकिन सुबह से हुई बारिश के चलते इनकी दुकानें नजर नहीं आईं। एक-दो ही दुकानदार सामान बेचते दिखाई दिए।
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सड़कें उखड़ीं, रास्ता निकलना हुआ दुश्वार
जीटी, रेलव, शिकोहाबाद रोड, पीपल अड्डा आदि जगहों पर सड़क उखड़ने और गड्ढे होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, वहीं लोगों को भी निकलने में खासी दिक्कत उठानी पड़ीं। कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चुटैल भी हो गए।
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नाले नहीं हुए साफ
मानसून की शुरूआत हो गई है, लेकिन नगरपालिका शहर के नाले नालियों की सफाई नहीं करा पाई है। अभी भी 20 प्रतिशत नाले सफाई होने से रह गए हैं। बरसात के चलते नालों से निकली सिल्ट भी कई जगह नालों में गिरी दिखाई दी। पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने संबंधित कर्मचारियों को चार-पांच दिन के अंदर शेष रह गए नालों की सफाई पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के चहेरे खिले
सुबह से हो रही बरसात से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। इस बरसात से खरीफ की बुवाई में फायदा मिलेगा। आजकल होने वाली मक्का की बुवाई में अब दो तीन दिन का समय और लग जाएगा, लेकिन फिर भी किसान खुश हैं। बोले, खेत में नमी बढ़ेगी तो मक्का की अच्छी उपज होगी।