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Etah News: स्वाद के चक्कर में सेहत से न करें समझौता
Sun, 19 Oct 2025 11:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:49 PM IST
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एटा। दिवाली के पर्व पर मिठाइयों की खुशबू महक रही है। अन्य स्वादिष्ट व्यंजन भी आकर्षित कर रहे हैं। इस सबके बीच चिकित्सकों का परामर्श है कि स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता न करें। गुणवत्तापूर्ण मिठाई परखकर खरीदें और अच्छी रहने तक ही खाएं। अधिक मात्रा में व्यंजन खाकर स्वास्थ्य समस्याओं से बचें।
त्योहारों के दौरान खानपान की अनियमितता, ज्यादा मीठा और तला-भुना खाना खाने से अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं होना आम है। वहीं अधिक मात्रा में मिठाइयाें का सेवन भी नुकसान पहुंचाता है। इनकी गुणवत्ता भी सेहत पर असर डालती है। दिवाली के लिए कई दिन पहले से दुकानों पर मिठाइयां तैयार कर रख ली जाती हैं। वहीं घर पर दो-चार दिन रखी रहने के बाद इनकी गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस चंद्रा बताते हैं कि खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयां हमारे पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। गैस, अपच, उल्टी, दस्त की दिक्कत हो सकती है। गंभीर रूप की फूड प्वाॅइजनिंग तक हो सकती है। ऐसे में मिठाई खरीदते समय दुकान पर एक बार जांच कर लें। घर लाकर भी इसे ज्यादा दिन तक न रखें। खाने से पहले देख लें कि इसमें कोई अलग तरह की गंध, स्वाद में खट्टापन या कड़वापन तो नहीं है। बताया कि त्योहार पर मिठाई के साथ ही पूड़ी-कचौड़ी, नमकीन और स्थानीय व्यंजन भी खाए जाते हैं। इनकी मात्रा भी नियंत्रित रखने की जरूरत है।
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डायबिटीज के मरीज मन को भटकाएं नहीं
यूं तो मिठाइयों के बिना दिवाली में मिठास नहीं है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह अपवाद कहा जा सकता है। मिठाइयां देखकर उनका भी मन भटक जाता है। इनका सेवन समस्या बढ़ा सकता है। डॉ. चंद्रा बताते हैं कि डायबिटीज के रोगी कोशिश करें कि मिठाई न खाएं, अगर ले रहे हैं तो बहुत ही सीमित मात्रा में लें। दवाएं खाने में कोई लापरवाही नहीं करें।
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त्योहारों के दौरान खानपान की अनियमितता, ज्यादा मीठा और तला-भुना खाना खाने से अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं होना आम है। वहीं अधिक मात्रा में मिठाइयाें का सेवन भी नुकसान पहुंचाता है। इनकी गुणवत्ता भी सेहत पर असर डालती है। दिवाली के लिए कई दिन पहले से दुकानों पर मिठाइयां तैयार कर रख ली जाती हैं। वहीं घर पर दो-चार दिन रखी रहने के बाद इनकी गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस चंद्रा बताते हैं कि खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयां हमारे पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। गैस, अपच, उल्टी, दस्त की दिक्कत हो सकती है। गंभीर रूप की फूड प्वाॅइजनिंग तक हो सकती है। ऐसे में मिठाई खरीदते समय दुकान पर एक बार जांच कर लें। घर लाकर भी इसे ज्यादा दिन तक न रखें। खाने से पहले देख लें कि इसमें कोई अलग तरह की गंध, स्वाद में खट्टापन या कड़वापन तो नहीं है। बताया कि त्योहार पर मिठाई के साथ ही पूड़ी-कचौड़ी, नमकीन और स्थानीय व्यंजन भी खाए जाते हैं। इनकी मात्रा भी नियंत्रित रखने की जरूरत है।
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डायबिटीज के मरीज मन को भटकाएं नहीं
यूं तो मिठाइयों के बिना दिवाली में मिठास नहीं है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह अपवाद कहा जा सकता है। मिठाइयां देखकर उनका भी मन भटक जाता है। इनका सेवन समस्या बढ़ा सकता है। डॉ. चंद्रा बताते हैं कि डायबिटीज के रोगी कोशिश करें कि मिठाई न खाएं, अगर ले रहे हैं तो बहुत ही सीमित मात्रा में लें। दवाएं खाने में कोई लापरवाही नहीं करें।