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चिकित्सक नदारद, कराह रहे मरीज
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एटा। जिला अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोग विभाग) बदहाल है। शासन के आदेश के बाद इसे खोल तो दिया गया है, लेकिन चिकित्सकों की आराम की आदत नहीं बदल पा रही। हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ पहुंच गई, लेकिन 10 बजे तक चिकित्सक नदारद थे। जिसके चलते बुखार, दर्द आदि के मरीज कराहते हुए ओपीडी के फर्श पर ही बैठ गए। बाद में मायूस लौट गए।
सोमवार सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लग गई थी। पर्चा बनवाने के बाद जैसे ही मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे, तो फिजीशियन कक्ष में चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। जबकि मरीजों की भीड़ बढ़ती गई और ओपीडी के गेट तक लंबी लाइन लग गई। मरीजों में किसी को पेट दर्द तो किसी को बुखार की समस्या थी। कई बुजुर्ग मरीजों की सांस फूल रही थी। चिकित्सकों के न आने पर कई मरीज तो थक-हार कर जमीन पर बैठ गए।
इन्होंने लिखा उपचार
कक्ष संख्या सात में मेडिकल कॉलेज के डॉ. नंदकिशोर व डॉ. नवनीत मरीजों का उपचार कर रहे थे। उन्होंने 78 मरीजों को उपचार लिखा। वहीं नेत्र परीक्षण अधिकारी ने 77 मरीजों को परामर्श लिखा। जबकि ईएनटी की चिकित्सक ने 38 मरीजों का उपचार लिखा। काउंटर पर कुल 820 पर्चे बने।
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सोमवार सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लग गई थी। पर्चा बनवाने के बाद जैसे ही मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे, तो फिजीशियन कक्ष में चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। जबकि मरीजों की भीड़ बढ़ती गई और ओपीडी के गेट तक लंबी लाइन लग गई। मरीजों में किसी को पेट दर्द तो किसी को बुखार की समस्या थी। कई बुजुर्ग मरीजों की सांस फूल रही थी। चिकित्सकों के न आने पर कई मरीज तो थक-हार कर जमीन पर बैठ गए।
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इन्होंने लिखा उपचार
कक्ष संख्या सात में मेडिकल कॉलेज के डॉ. नंदकिशोर व डॉ. नवनीत मरीजों का उपचार कर रहे थे। उन्होंने 78 मरीजों को उपचार लिखा। वहीं नेत्र परीक्षण अधिकारी ने 77 मरीजों को परामर्श लिखा। जबकि ईएनटी की चिकित्सक ने 38 मरीजों का उपचार लिखा। काउंटर पर कुल 820 पर्चे बने।
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