{"_id":"5f8498748ebc3e9bca1af791","slug":"dhool-etah-news-agr4634010154","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 हजार लोगों की जान खतरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 हजार लोगों की जान खतरे में
विज्ञापन
उड़ती धूल से गुजरता राहगीर।
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिले में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहे हैं। सीवर लाइन डालने के लिए सड़कें खोद दी गईं। यहां से उठने वाले धूल के गुबार 50 हजार लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने हुए हैं। धूल के कारण अस्थमा के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं आंख, कान, नाक और गला के रोग बढ़ते जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक चैतन्य चौहान बताते हैं कि इस बार सर्दियों में ज्यादा एहतियात बरतनी होगी। इसकी वजह है कि अक्तूबर व नवंबर में जलने वाली पराली, दीपावली की आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। सड़कें ओवरब्रिज बनने के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन दिनों जिला अस्पताल में 15 से 20 मरीज प्रतिदिन अस्थमा रोग के पहुंच रहे हैं। कुछ माह पूर्व इनकी संख्या आठ से 10 ही रहती थी।
नहीं कराया जाता पानी का छिड़काव
शहर में कचहरी रोड, रेलवे रोड, ठंडी सड़क और आवास विकास कालोनी में मुख्य रोड पर सीवर का काम कराया जा रहा है, यहां उड़ती हुई धूल पर जल निगम द्वारा पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, इससे धूल उड़कर लोगों को परेशानी दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल के चिकित्सक चैतन्य चौहान बताते हैं कि इस बार सर्दियों में ज्यादा एहतियात बरतनी होगी। इसकी वजह है कि अक्तूबर व नवंबर में जलने वाली पराली, दीपावली की आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। सड़कें ओवरब्रिज बनने के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन दिनों जिला अस्पताल में 15 से 20 मरीज प्रतिदिन अस्थमा रोग के पहुंच रहे हैं। कुछ माह पूर्व इनकी संख्या आठ से 10 ही रहती थी।
विज्ञापन
नहीं कराया जाता पानी का छिड़काव
शहर में कचहरी रोड, रेलवे रोड, ठंडी सड़क और आवास विकास कालोनी में मुख्य रोड पर सीवर का काम कराया जा रहा है, यहां उड़ती हुई धूल पर जल निगम द्वारा पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, इससे धूल उड़कर लोगों को परेशानी दे रही है।
विज्ञापन