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वाह री यूपी पुलिस: थाने में हुई युवक की मौत, सीएचसी से जबरन कराया रेफर; आगे भी करती रही खेल

Tue, 18 Jun 2024 12:04 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 18 Jun 2024 12:04 AM IST
सार

थाने में युवक की मौत होने के बावजूद पुलिस ने उसे जिंदा दिखाकर सीएचसी से जबरन रेफर कराया। फिर लीपापोती करने के लिए आगे भी खेल करती रही। 

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despite death of youth in thana to cover up matter police showed him alive and forcibly referred him to CHC
crime, up police - फोटो : iStock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के एटा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां निधौली कलां थाने में भूखा-प्यासा रखे गए युवक की मौत संभवत: थाने में ही हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस लीपापोती करती रही। उसे जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तो वह मृत हालत में था। परिजन के अनुसार इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन रेफर करा लिया। अस्पताल से एंबुलेंस नहीं दी गई तो प्राइवेट गाड़ी में मेडिकल कॉलेज लेकर आए। हालांकि यहां भी मृत अवस्था में लाना बताया गया।

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पुलिस के अनुसार खाना न मिलने और गर्मी की वजह से राकेश की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उसे निधौली कलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जहां पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ लिया। लेकिन सीएचसी के अभिलेख और डॉक्टर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुज कुमार यादव ने बताया कि सोमवार सुबह 9:40 पर राकेश नाम के व्यक्ति को लाया गया। वहां तैनात डॉ. शशांक ने उसे देखा था।

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उसमें बीपी, पल्स कुछ नहीं था। मृत हालत में उसे लाया गया था, लेकिन साथ आए व्यक्ति देवेंद्र व पुलिसकर्मियों ने उसके जिंदा होने की उम्मीद जताई। जिस पर उसे संतुष्टि के लिए मेडिकल ले जाने के लिए कह दिया गया। मृत व्यक्ति के लिए प्रावधान के अनुसार एंबुलेंस नहीं दी गई। इसके बाद पुलिसकर्मी किसी प्राइवेट वाहन में उसको लेकर चले गए।

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पीआरवी कर्मियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

मामले में जहां प्राथमिक तौर पर एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी और मुंशी को निलंबित कर दिया। वहीं अन्य पुलिसकर्मियों के भी फंसने की संभावना है। सीधे तौर पर इसमें पीआरवी कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। जो बेकसूर राकेश को भी पकड़कर थाने ले गए थे और उसे वहां रात भर रोका गया।

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मुस्लिम बाहुल्य गांव में हैं सिर्फ दो हिंदू परिवार

निधौली कलां थाना क्षेत्र का गांव दलशाहपुर मुस्लिम बाहुल्य है। इसमें केवल देवेंद्र और राकेश के परिवार ही हिंदू हैं। बातों-बातों में देवेंद्र के मुंह से निकल रहा था कि वह लोग मजबूत हैं। संख्या बल में बहुत ज्यादा हैं। इसलिए हम कुछ कर ही नहीं सकते थे। हम लोग तो अकेले पड़ गए।

दिल्ली में रहते हैं मृतक के तीनों पुत्र

मृतक राकेश की पत्नी उसके साथ गांव में रहती है। जबकि तीनों पुत्र दिल्ली में रहकर काम करते हैं। इनमें से दो की शादी हो चुकी है। घटना के बाद उन्हें सूचना दी गई। देर शाम तक वह लोग पहुंचे।

राकेश को सीएचसी से रेफर किया गया था। मृतक ले जाने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। चिकित्सकों के बयान लिए जाएंगे। पीआरवी का आरक्षी और चालक होमगार्ड जवान की भी लापरवाही पाई गई है। उनके विरुद्ध एसएसपी को रिपोर्ट बनाकर दी है। -कृष्ण मुरारी दोहरे, सीओ जलेसर
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