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डेंगू का सता रही डर, लालपुर में तीन मरीजों में हुई एनएस 1 की पुष्टि

Mon, 07 Oct 2019 10:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 10:45 PM IST
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dengue, heath
एटा। लालपुर में बीमारियों का कहर बरप रहा है। अब तक तीन मरीजों में एनएस 1 वायरस की पुष्टि हुई है। मरीजों का शहर के नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। हालांकि इनकी स्लाइड नहीं बनाई है जिससे डेंगू स्पष्ट हो सके।
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लालपुर निवासी सोनू को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उन्हें लेकर शहर के एक चिकित्सक के यहां पहुंचे। जहां खून की जांच में प्लेलेट्स कम होने की बात कही गई। चिकित्सक ने डेंगू की जांच के लिए सोनू को जिला अस्पताल भेज दिया। यहां उनकी किट से जांच की गई। सोनू को एनएस 1 की पुष्टि हुई। लालपुर की कांती भी दो दिन से बुखार से पीड़ित थीं। जिला अस्पताल में उनकी डेंगू किट से जांच के बाद उनको एनएस 1 की पुष्टि हुई। वहीं लालपुर निवासी अभिनव में भी इस वायरस की पुष्टि हुई है अभी डेंगू क्लीयर नहीं है।
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लालपुर में दो दिन पूर्व ही एक मरीज में एनएस 1 की पुष्टि हो गई थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने वहां बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड नहीं बनवाईं।
लालपुर में नालियां हैं चोक
लालपुर में नालियां चोक हैं। इसके चलते गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है। ग्रामीणों ने बताया नाली चोक होने की बात कई बार पालिका के कर्मचारियों से की गई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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हर रोज डेंगू की हो रही सात से आठ जांच
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 900 से एक हजार मरीजों की कई जांच की जाती हैं। जिसमें किट से सात से आठ जांच डेंगू की होती है। इनमें से एक या दो में एनएस 1 की पुष्टि हो जाती है। जिला अस्पताल में अब तक नौ मरीजों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। जबकि जिले में दो दर्जन से अधिक मरीज इससे पीड़ित हैं।
लालपुर में तीन मरीजों में एनएस 1 वायरस की पुष्टि हुई है। वहां टीम भेजकर स्लाइड बनवाई जाएंगी। उसके बाद डेंगू की जांच होगी। वहीं पीड़ित मरीजों का दवा वितरित कराई जाएगी।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
बुखार से महिला की मौत, कोहराम
पटियाली। भरगेन क्षेत्र के लाल बाग क्षेत्र में एक महिला की बुखार से मौत हो गई। क्षेत्र में संक्रामक रोग का प्रकोप बना हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है।
अफसाना (45) पत्नी नूर आलम निवासी लाल बाग को सर्दी लगने के बाद तेज बुखार आया। महिला ने पेट में दर्द उठने की शिकायत भी की। बुखार की शिकायत होने के बाद साथ में मौजूद उनके पति ने बुखार उतारने का प्रयास किया, लेकिन जब बुखार कम नहीं हुआ तो उन्होंने उसे चिकित्सालय ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन जब तक वे उसे अस्पताल ले जाते महिला की मौत हो गई। महिला के चार बच्चे हैं जो गुजरात में रहते हैं। महिला की मौत की जानकारी उनके बच्चों को दे दी गई है। पहले भी बुखार से कई मौत हो चुकी हैं। चिकित्सकों के यहां मरीजों की लाइन लग रही हैं। चिकित्साधीक्षक डा. कुलदीप ने बताया कि मंगलवार को क्षेत्र में चिकित्सकों की टीम भेजी जाएगी। क्षेत्र में जो भी संक्रामक रोग से पीड़ित मिलेगा उसका उपचार कराया जाएगा।
मरीजों की सेहत सुधारने के आदेश फाइलों में कैद
एटा। केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने को प्रयास हो रहा है, लेकिन इसका असर कम दिख रहा है। बीते माह सीएमओ, एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ सहित सीएमएस को ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं देने का आदेश जारी किया गया था। जबकि सितंबर माह से नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर शाम को चार घंटे ओपीडी सेवाएं देने का फरमान जारी हुआ था, लेकिन दोनो आदेश अब तक फाइलों में कैद हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए समय-समय पर शासनादेश भी जारी होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। विभागीय जिम्मेदार इन शासनादेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे है। पांच अगस्त को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पद्माकर सिंह ने जारी आदेश में कहा कि प्रदेश शासन ने स्वास्थ्य मंत्री के फरमान पर चिकित्साधिकारी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ व अस्पतालों में कार्यरत मुख्य चिकित्साधीक्षक दायित्वों का निर्वाहन करेंगे। इसके साथ ही सप्ताह में तीन दिन दो घंटे ओपीडी में सेवाएं देगें। फिलहाल दो माह बीतने के बाद भी अस्पताल में चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दे रहे हैं। वहीं मिशन महानिदेशक ने पांच सितंबर को जारी आदेश में कहा है। नगरीय स्वास्थ्य केंद्रो पर पूर्ण कालिक चिकित्सक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ओपीडी चलाएंगे। वहीं पार्ट टाइम चिकित्सक सायंकालीन ओपीडी चार से आठ बजे तक मरीजों को देखेंगे। फिलहाल दो माह बीतने के बाद भी सायंकालीन ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है। आदेश फाइलों में कैद है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश मिले हैं। जल्द ही नगरीय स्वास्थ्य केद्रों पर शाम के समय ओपीडी शुरू कराई जाएगी।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
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