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Etah News: प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर तक दिखा चुके दमखम

Wed, 10 Jun 2026 11:05 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 10 Jun 2026 11:05 PM IST
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Demonstrated prowess up to the national level through sheer talent.
रंजना राजपूत
एटा। जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। एथलेटिक्स में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले खिलाड़ी नित नए कीर्तिमान रच रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ी अपना जलवा दिखा चुके हैं। कई खिलाड़ी ओलंपिक में चयन के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। खिलाड़ी अपना भविष्य संवारने के लिए स्टेडियम में अभ्यास करने आते हैं। लेकिन कई खेल ऐसे हैं, जिनमें खिलाड़ियों को उनका द्रोणाचार्य नहीं मिला है। खिलाड़ी अपना भविष्य सवांरने के लिए स्टेडियम में बिना किसी साधन के खुद ही अभ्यास कर रहे हैं। वहीं स्टेडियम में बने ट्रैक पर कई जगह गहरे गड्ढे हो चुके है जिसकी वजह से खिलाड़ी घायल भी हो चुके हैं। उसके बाद भी अपने हौंसले में कमी नहीं आने दे रहे हैं।
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रंजना ने दौड़ में जीता स्वर्ण पदक
जिला मुख्यालय के समीप ही गांव रामपुर घनश्याम की एथलीट रंजना राजपूत साधारण किसान परिवार से हैं। उनके मन में शुरू से ही एथलीट बनने की चाह थी, जिसे पूरा करने में पिता चंद्र प्रकाश ने साथ दिया। पिता के उत्साहवर्धन और अन्य लोगों के सहयोग से रंजना ने असम में हुई 5 किलोमीटर क्रॉस कंट्री में टीम चैंपियन बनकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वर्ष 2023 में असम में आयोजित हुए नेशनल गेम्स में क्रास दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद साल 2024 में उड़ीसा में हुए ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी नेशनल गेम्स में 5 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2024 में महाराष्ट्र में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी क्रॉस कंट्री नेशनल गेम्स में 10 किलोमीटर दौड़ में रजत पदक जीता। ट्रैक पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं जिसकी वजह से उन्हें इंजरी का सामना करना पड़ा। स्टेडियम में कोच नहीं होने से वह अपने खेल में अपेक्षित सुधार नहीं कर पा रही हैं।
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भाला फेंक प्रतियोगिता में जिले का नाम रोशन
जैथरा ब्लॉक के गांव भलौल के रहने वाले पुष्पेंद्र यादव पैरा एथलीट हैं। उन्होंने कई देशों में जाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं। पैरा एथलीट पुष्पेंद्र का कहना है कि कोच अरुण कुमार ही उन्हें इस खेल में लेकर आए। उन्होंने बताया कि वह पहले वह क्रिकेट खेलते थे। कोच के समझाने पर जेवलिन थ्रो में उन्होंने अपना भविष्य देखा। उन्होंने भारत के नंबर एक पैरा एथलीट संदीप चौधरी के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा है। धर्मशाला में अभ्यास के दौरान अच्छा प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड ग्रांड प्रिक्स के लिए क्वालीफाई भी किया है। दिल्ली में चल रही वर्ल्ड पैरा ग्रांड प्रिक्स-2025 में पुष्पेंद्र ने प्रतिभा का परिचय दिया। भाला फेंक में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
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तीन हजार मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर कर चुके प्रतिभाग
नगला कंचन के रहने वाले केशव राजपूत सालों से दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं। स्टेडियम में कोच के अभाव में वह स्वयं अभ्यास करते करते राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाग कर चुके हैं। उन्होंने 3 हजार मीटर बाधा दौड़ में साल 2025 में प्रयागराज में हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 5वां स्थान प्राप्त किया। स्टेडियम में कोई कोच उपलब्ध न होने की वजह से उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने वर्ष 2024 में लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 5 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभाग किया, लेकिन दुर्भाग्यवश पदक से चूक गए।



पिछले माह दिल्ली में राज्य स्तरीय ओपन प्रतियोगिता में कर चुके प्रतिभागः
शहर के पुरानी बस्ती निवासी शिवम गुप्ता तीन बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुके हैं। कोच और ट्रैक के अभाव में वह फिलहाल मेडल हासिल नहीं कर पाए हैं। स्टेडियम में बने ट्रैक पर गड्ढे होने से उन्हें ब्लॉक इंजरी हो चुकी है। पिछले माह दिल्ली में आयोजित राज्य स्तरीय ओपन प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ में प्रतिभाग किया। फाउल होने की वजह से वह डिस्क्वालीफाई हो गए। छोटी-छोटी चीजों की जानकारी के अभाव में वह तीन बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मेडल प्राप्त करने से वंचित रह गए। अगर कोच की व्यवस्था हो तो वह अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।



चोट की वजह से चौथे स्थान पर रहे
नगला इमलिया निवासी मुकेश भी स्टेडियम में 200 मीटर दौड़ का अभ्यास करते हैं। कोच के अभाव में वह अपनी मंजिल से एक कदम दूर हैं। साल 2024 में प्रयागराज में आयोजित हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में वह चौथे स्थान पर रहे। दरअसल ग्रोइन इंजरी की वजह से उन्हें दर्द होने लगा, जिसकी वजह से उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। उनका कहना है कि अगर स्टेडियम में कोई कोच नियुक्त हो जाए, जिससे तकनीकी प्रशिक्षण मिल सके तो वह अपना मुकाम हासिल कर सकते हैं।



स्टेडियम के मैदान में क्रिकेट पिच का निर्माण चल रहा है, जिसकी वजह से वाहन आने के कारण गड्ढे हो गए हैं। पिच का निर्माण होने के बाद ट्रैक को ठीक किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को असुविधा न हो। वहीं कोच के लिए भी शासन को मांग भेजी जाएगी। - अरविंद यादव, उपक्रीड़ाधिकारी

रंजना राजपूत

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रंजना राजपूत

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रंजना राजपूत

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