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लगातार गिर रहा पारा, अलाव का सहारा

Sat, 26 Dec 2015 10:50 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
ब्यूरो अमर उजाला, एटा Updated Sat, 26 Dec 2015 10:50 PM IST
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Declining mercury, bonfire resort
 दिन में भले ही रहात हो मगर सूरज ढलते ही ठंड अपने तेवर दिखा रही है। सुबह और शाम को चलने वाली सर्द हवाएं लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर रही हैं। रात का तापमान गिरने से गलन बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की रात भी ठंडी रही। रात न्यूनतम पारा अब छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम जानकारों का पूर्वानुमान बता रहा है कि भले ही दिन में धूप खिलती रही मगर पहाड़ों से आ रही हवाएं रात का तापमान गिराती रहेंगी।
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बीते दिनों पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मैदानों पर पड़ रहा है। सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बनी हुई है। हालांकि मौसम में नमी नहीं होने के कारण कोहरा और धुंध जैसे हालात नहीं है, लेकिन सुबह और शाम की ठंड बर्दाश्त से बाहर हो रही है। दिन में सूर्य अपने पूरे तेज पर है, जिससे लोगों को राहत का एहसास हो रहा है। शनिवार को भी सुबह ही धूप खिली रही। इससे ठंड का असर ज्यादा नहीं रहा। शाम ढलते ही ठंड बढ़ी तो लोगों की कपकपी छूटने लगी। शनिवार को अधिकतम तापमान लगभग 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और शाम को ठंड से बचने के लिए शहर से गांव तक लोग अलाव का सहारा लेते हुए दिख रहे हैं। दिन में भी हवाएं चलने से लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते हुए दिख रहे हैं।
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चिकित्सकों की मानें तो सर्दियों में कान, सीना और गले को सर्दी से बचाकर रखें। रात में खुले वाहन पर सफर न करें। इसके अलावा रात में ठंडी चीज खाने से भी परहेज करें। बता दें कि दिसंबर और जनवरी की रातें दिन की अपेक्षा अधिक ठंडी रहती हैं। इन सावधानियों को बरतकर काफी हद तक सर्दी से बचा जा सकता है।
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ये हो सकती हैं बीमारियां
डाक्टर पवन मिश्रा के अनुसार सर्दी की वजह से गले का खराब होना, खांसी, जुकाम, बुखार के साथ नाक बंद, आंख से पानी और कान में दर्द की शिकायत हो सकती है। शरीर का तापमान कम होने से फेफड़ों में संक्रमण, विंटर डायरिया से बच्चों में मरोड़ के साथ दस्त हो सकते हैं। इसके अलावा ब्लडप्रेशर के मरीजों का बीपी बढ़ जाता है। हृदयरोगियों के लिए हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सांस के रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। गठिया, आर्थराइटिस, कमर, जोड़ आदि के दर्द वालों की समस्या बढ़ जाती है।
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