फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Decision in five months, life imprisonment to the guilty of raping an innocent

Etah News: पांच माह में फैसला, मासूम से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद

Wed, 05 Apr 2023 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 05 Apr 2023 10:51 PM IST
विज्ञापन
Decision in five months, life imprisonment to the guilty of raping an innocent
एटा। थाना मारहरा क्षेत्र के एक गांव में नवंबर 2022 डेढ़ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म किया गया था। अदालत ने एतिहासिक रूप से पांच महीने में ही सुनवाई पूरी कर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार तृतीय की अदालत में बुधवार को मासूम के साथ दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई की गई। अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। इनको आधार मानकर अदालत ने संजू उर्फ संजय निवासी पिदौरा थाना मारहरा को दोषसिद्ध ठहराया। उसको उम्रकैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि उम्रकैद का मतलब प्राकृत जीवनकाल (जीवन पर्यंत) तक होगा।
विज्ञापन

दोषी के अधिवक्ता ने दलील देकर कम से कम सजा देने की गुहार लगाई, लेकिन सहायक अभियोजन अधिकारी प्रभात कुमार ने दलील दी कि अभियुक्त द्वारा किया गया कृत्य सोच-विचार कर किया गया। जिसने बच्चे के संपूर्ण भविष्य को प्रभावित किया है। अभियुक्त विकृत सोच का दर्शित होता है, जो सहानुभूति पाने का अधिकार नहीं है, उसे कठोरतम दंड दिया जाए। एडीजीसी ने बताया कि दोषसिद्ध संजू ने आठ नवंबर 2022 की शाम करीब चार बजे वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब मासूम खेल रही थी। बच्ची की मां ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि अर्थदंड की सजा में से 60 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने के भी अदालत ने आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

-----------------
पैशाचिक प्रकृति का है कृत्य
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अबोध बच्ची जो बोलना भी नहीं सीखी, उसके साथ ऐसे लैंगिंग अपराध की कल्पना नहीं की जा सकती है। मासूम के साथ किया गया कृत्य पैशाचिक प्रवृत्ति का है। पीड़िता की पीड़ा की गणना नहीं की जा सकती, उसका 15 दिनों तक इलाज चला और उसको किस पीड़ा से गुजरना पड़ा, इसकी कल्पना करना मुश्किल है। ऐसा व्यक्ति जो बच्चों के लिए कॉटन कैंडी (बुड़िया/गुड़िया के बाल) बेचता हो, उसके द्वारा ऐसा कृत्य करना और भी ज्यादा निंदनीय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed