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Etah News: पुलिस उपनिरीक्षक से साइबर अपराधियों ने 88 हजार ठगे
Wed, 24 Sep 2025 05:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 24 Sep 2025 05:59 PM IST
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मेरठ के ध्यानार्थ
थाना बागवाला में तैनात है पीड़ित उपनिरीक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। साइबर ठग किसी को भी शिकार बनाने में नहीं चूक रहे। थाना बागवाला में तैनात एक उपनिरीक्षक के खाते से 88001 रुपये की ठगी कर ली गई। रुपये कटने के बाद जब मैसेज आया तब उपनिरीक्षक को पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
थाना बागवाला में तैनात उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह मूल रूप से गांव निलौहा थाना मवाना जिला मेरठ के रहने वाले हैं। इसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को वह ड्यूटी पर थे। उसी समय मोबाइल पर लगातार दो मैसेज आए। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से दो बार में कुल मिलाकर 88001 रुपये खाते से निकाले जाने की सूचना थी। यह देखकर तत्काल 1930 पर कॉल की और साइबर फ्राॅड शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई।
इसके बाद बैंक की ओर से भी कार्रवाई की गई है। अब बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाने के बाद ही पता लग सकेगा कि रकम चली गई या बच गई। हरेंद्र के अनुसार न तो उनके पास कोई ओटीपी आया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया। फिर भी खाते से 88001 रुपये की ठगी हो गई।
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थाना बागवाला में तैनात है पीड़ित उपनिरीक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। साइबर ठग किसी को भी शिकार बनाने में नहीं चूक रहे। थाना बागवाला में तैनात एक उपनिरीक्षक के खाते से 88001 रुपये की ठगी कर ली गई। रुपये कटने के बाद जब मैसेज आया तब उपनिरीक्षक को पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
थाना बागवाला में तैनात उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह मूल रूप से गांव निलौहा थाना मवाना जिला मेरठ के रहने वाले हैं। इसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को वह ड्यूटी पर थे। उसी समय मोबाइल पर लगातार दो मैसेज आए। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से दो बार में कुल मिलाकर 88001 रुपये खाते से निकाले जाने की सूचना थी। यह देखकर तत्काल 1930 पर कॉल की और साइबर फ्राॅड शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई।
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इसके बाद बैंक की ओर से भी कार्रवाई की गई है। अब बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाने के बाद ही पता लग सकेगा कि रकम चली गई या बच गई। हरेंद्र के अनुसार न तो उनके पास कोई ओटीपी आया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया। फिर भी खाते से 88001 रुपये की ठगी हो गई।
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