फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   khaadar mein jangalaraaj: jo jot le, jameen usee kee

खादर में जंगलराज: जो जोत ले, जमीन उसी की

Sat, 17 Dec 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 17 Dec 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
khaadar mein jangalaraaj: jo jot le, jameen usee kee
गंगा खादर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में 51 किमी से होकर गंगा गुजर रही है। जिसकी लाठी उसी की भैंस वाली कहावत की तर्ज पर यहां जमीनों पर कब्जा होता है। जो जितनी जमीन जोत ले, वो उसी की हो जाती है। असलाह के जोर पर यहां फसल बोई जाती है। शनिवार को हुए संघर्ष में भारी मात्रा में असलाह का प्रयोग किया गया। जमीन पर कब्जे के लिए यहां पहले भी संघर्ष होते रहे हैं।
विज्ञापन

गांव धार के नजदीक हैं और पानी कम होने पर लोग जमीन जोतकर खेती कर लेते हैं। सोरों, सहावर के गंगा की कटरी इलाकों में भी पटियाली जैसे हालात हैं। दो वर्ष पूर्व जमीन के कब्जे के लिए सोरों और बदायूं के किसानों के बीच संघर्ष की घटना हुई, इसमें कई लोग घायल भी हुए थे। सोरों के ग्रामीणों के बीच भी कई बार आपस में संघर्ष की घटनाएं हुईं हैं। छोटी मोटी घटनाएं तो आए दिन होती रहती है, जिनका पुलिस प्रशासन संज्ञान भी नहीं लेता। पटियाली क्षेत्र के म्यांसूर, शहवाजपुर, नगला ढाव, उलाई खेड़ा, नागर कंचनपुर सहित दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां हर समय खूनी संघर्ष की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन

पटियाली के एसडीएम परवेज अहमद का कहना है कि खादर की जमीन के कोई पट्टे नहीं हैं। जब भी कब्जे की शिकायत होती है तो प्रशासन कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार के माध्यम से इसबार भी खादर की जमीन का सीमांकन कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed