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नौकरी के बजाए बढ़ रहा व्यापार का क्रेज
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धूपबत्ती उद्योग संचालिका अखलेश कुमारी
- फोटो : ETAH
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एटा। केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की थी जिसके तहत लोगों को अपना उद्यम (कारोबार) शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है। इस योजना के लिए जिले के 4 हजार से ज्यादा लोगों को लाभ दिया जा चुका है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ लेते हुए शहर की अखलेश कुमारी ने केनरा बैंक रोजगार प्रशिक्षण केंद्र में अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने घर पर ही उद्योग स्थापित किया। उद्योग स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपये का ऋण लिया। वर्तमान में करीब 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
अखलेश ने बताया कि एक अगरबत्ती का पैकेट बनाने में लगभग 65 रुपये की लागत आती है जिसे बाजार में 75 रुपये तक बेच देते हैं। अखलेश अगरबत्ती के पैकेट को बदायूं, सोरों, कासगंज, आगरा, जलेसर आदि में सप्लाई करती हैं। उनकी महीने की आमदनी 1 लाख रुपये से अधिक है। लीड बैंक मैनेजर प्रदीप थामस ने बताया कि जिले में अब तक चार हजार लोगों को मुद्रा लोन दिया गया है, इसके माध्यम से लोग लघु उद्योग स्थापित अपना जीवन-यापन कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ लेते हुए शहर की अखलेश कुमारी ने केनरा बैंक रोजगार प्रशिक्षण केंद्र में अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने घर पर ही उद्योग स्थापित किया। उद्योग स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपये का ऋण लिया। वर्तमान में करीब 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
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अखलेश ने बताया कि एक अगरबत्ती का पैकेट बनाने में लगभग 65 रुपये की लागत आती है जिसे बाजार में 75 रुपये तक बेच देते हैं। अखलेश अगरबत्ती के पैकेट को बदायूं, सोरों, कासगंज, आगरा, जलेसर आदि में सप्लाई करती हैं। उनकी महीने की आमदनी 1 लाख रुपये से अधिक है। लीड बैंक मैनेजर प्रदीप थामस ने बताया कि जिले में अब तक चार हजार लोगों को मुद्रा लोन दिया गया है, इसके माध्यम से लोग लघु उद्योग स्थापित अपना जीवन-यापन कर रहे हैं।
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