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निलंबित सचिव का डीएम और डीडीओ पर आत्महत्या को मजबूर करने का आरोप
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एटा। निलंबित ग्राम पंचायत सचिव ने जिलाधिकारी और जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वायरल हुए पत्र में आत्मदाह करने की धमकी दी गई है। अवागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत शाह नगर टिमरूआ में 11 नवंबर को डीएम ने निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था।
निलंबन के बाद शैलेंद्र आत्महत्या की चेतावनी भरा पत्र लिखकर गायब हो गया। पत्र में उसने डीएम सुखलाल भारती और डीडीओ एसएन कुशवाहा पर गलत तरीके से कार्रवाई का आरोप लगाया है। उसका कहना है शाहनगर टिमरूआ के अतिरिक्त उसके पास करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। उसे बिना किसी शिकायत कि निलंबित कर दिया है।
दो दिन पूर्व वीडीओ के लापता होने के बाद परिजन परेशान थे। जब चर्चा ने जोर पकड़ा और पुलिस-प्रशासन सहित सचिव के परिवार में हलचल हुई तो बुधवार की देर सायं शैलेंद्र घर लौट आया। बताया कि उसका मन खराब हो गया था, इसलिए वह बिना बताए चला गया था। शैलेंद्र ने बताया कि कई पंचायतों का पदभार होने के बाद भी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। शौचालयों के निर्माण में धन का अभाव था, इसके चलते देरी हुई, इसमें उनका कोई कसूर नहीं। उन्होंने निलंबित कर दिया जो न्यायोचित नहीं है।
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निलंबन के बाद शैलेंद्र आत्महत्या की चेतावनी भरा पत्र लिखकर गायब हो गया। पत्र में उसने डीएम सुखलाल भारती और डीडीओ एसएन कुशवाहा पर गलत तरीके से कार्रवाई का आरोप लगाया है। उसका कहना है शाहनगर टिमरूआ के अतिरिक्त उसके पास करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। उसे बिना किसी शिकायत कि निलंबित कर दिया है।
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दो दिन पूर्व वीडीओ के लापता होने के बाद परिजन परेशान थे। जब चर्चा ने जोर पकड़ा और पुलिस-प्रशासन सहित सचिव के परिवार में हलचल हुई तो बुधवार की देर सायं शैलेंद्र घर लौट आया। बताया कि उसका मन खराब हो गया था, इसलिए वह बिना बताए चला गया था। शैलेंद्र ने बताया कि कई पंचायतों का पदभार होने के बाद भी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। शौचालयों के निर्माण में धन का अभाव था, इसके चलते देरी हुई, इसमें उनका कोई कसूर नहीं। उन्होंने निलंबित कर दिया जो न्यायोचित नहीं है।
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