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अपना ही आदेश फाड़ नायब तहसीलदार ने दूसरा आदेश जारी किया
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अलीगंज। नायब तहसीलदार ने अपने ही आदेश की प्रति फाड़ दी इसके बाद दूसरे पक्ष के समर्थन में आदेश दे दिया। अधिवक्ता ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
अधिवक्ता कमलेश सिंह वर्मा ने बताया कि मौजा मितौलिया में एक मुकदमा नायब तहसीलदार न्यायालय में लंबित था। उनके द्वारा समक्ष प्रमाण दिए गए जिसके आधार पर नायब तहसीलदार द्वारा 15 अक्तूबर को उनके पक्षकार राजवीर सिंह आदि के नाम आदेश किया गया। परंतु इस आदेश की प्रति फाड़ दी गई तथा 16 फरवरी को नायब तहसीलदार के द्वारा आदेश को ग्रामीण बैंक आर्यावर्त से ऋण लेने के कारण भूमि बंधक होना बताया गया, जिस कारण दाखिल खारिज प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता कमलेश सिंह वर्मा का कहना हैं कि जिस समय नायब तहसीलदार द्वारा मेरे पक्षकार के पक्ष में आदेश किया गया था उस समय सभी दस्तावेज फाइल मे मौजूद थे। आदेश होने के बाद आदेश की प्रति को फाड़ना गैर कानूनी है। इस संबंध में जिलाधिकारी तथा राजस्व परिषद के समक्ष पक्ष रखा जाएगा। वहीं नायब तहसीलदार लक्ष्मी नारायण वाजपेयी का कहना हैं कि जो आदेश की प्रति उनके पास हैं वह प्रमाणित नहीं है और पूरी तरह से फर्जी हैं। नियम के तहत आदेश किया गया है।
बार एसोसिएशन की एक दिन अध्यक्ष बनीं डीएम
एटा। अधिवक्ताओं की मांग पर अलीगंज आईं जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल एक दिन के लिए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के नाते कुर्सी पर बैठीं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं जिनका जिलाधिकारी ने निस्तारण का आश्वासन दिया।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंबरीश सिंह राठौर के अनुरोध पर जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल को एक दिन का बार एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया। बार एसोसिएशन के सभागार में नवागत जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद अधिवक्ताओं की समस्याओं को उनके समक्ष रखा। बताया कि न्यायिक पत्रावलियों का दाखिल खारिज समय सीमा में नहीं हो रहा है। जब न्यायालय से आदेश पटल पर पहुंच जाते हैं तो उसकी कंप्यूटर फीडिंग के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य समय सीमा में होंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव नजदीक है और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों। इस मौके पर उपजिलाधिकारी राजीव पांडेय, नायब तहसीलदार लक्ष्मीनारायन बाजपेई, रतीराम, प्रताप सिंह राठौर, मुनीश्वर दयाल दुबे, केशव सिन्हा, बलवीर सिंह यादव, प्रमोद मिश्रा, वेद प्रकाश यादव, आनंद शाक्य आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ता कमलेश सिंह वर्मा ने बताया कि मौजा मितौलिया में एक मुकदमा नायब तहसीलदार न्यायालय में लंबित था। उनके द्वारा समक्ष प्रमाण दिए गए जिसके आधार पर नायब तहसीलदार द्वारा 15 अक्तूबर को उनके पक्षकार राजवीर सिंह आदि के नाम आदेश किया गया। परंतु इस आदेश की प्रति फाड़ दी गई तथा 16 फरवरी को नायब तहसीलदार के द्वारा आदेश को ग्रामीण बैंक आर्यावर्त से ऋण लेने के कारण भूमि बंधक होना बताया गया, जिस कारण दाखिल खारिज प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता कमलेश सिंह वर्मा का कहना हैं कि जिस समय नायब तहसीलदार द्वारा मेरे पक्षकार के पक्ष में आदेश किया गया था उस समय सभी दस्तावेज फाइल मे मौजूद थे। आदेश होने के बाद आदेश की प्रति को फाड़ना गैर कानूनी है। इस संबंध में जिलाधिकारी तथा राजस्व परिषद के समक्ष पक्ष रखा जाएगा। वहीं नायब तहसीलदार लक्ष्मी नारायण वाजपेयी का कहना हैं कि जो आदेश की प्रति उनके पास हैं वह प्रमाणित नहीं है और पूरी तरह से फर्जी हैं। नियम के तहत आदेश किया गया है।
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बार एसोसिएशन की एक दिन अध्यक्ष बनीं डीएम
एटा। अधिवक्ताओं की मांग पर अलीगंज आईं जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल एक दिन के लिए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के नाते कुर्सी पर बैठीं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं जिनका जिलाधिकारी ने निस्तारण का आश्वासन दिया।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंबरीश सिंह राठौर के अनुरोध पर जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल को एक दिन का बार एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया। बार एसोसिएशन के सभागार में नवागत जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद अधिवक्ताओं की समस्याओं को उनके समक्ष रखा। बताया कि न्यायिक पत्रावलियों का दाखिल खारिज समय सीमा में नहीं हो रहा है। जब न्यायालय से आदेश पटल पर पहुंच जाते हैं तो उसकी कंप्यूटर फीडिंग के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य समय सीमा में होंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव नजदीक है और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों। इस मौके पर उपजिलाधिकारी राजीव पांडेय, नायब तहसीलदार लक्ष्मीनारायन बाजपेई, रतीराम, प्रताप सिंह राठौर, मुनीश्वर दयाल दुबे, केशव सिन्हा, बलवीर सिंह यादव, प्रमोद मिश्रा, वेद प्रकाश यादव, आनंद शाक्य आदि मौजूद रहे।