{"_id":"5da212cb8ebc3e93b24e481d","slug":"court-high-court-dm-etah-news-agr4103124100","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक बार फिर से हाई कोर्ट ने दिया डीएम के आदेश को झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक बार फिर से हाई कोर्ट ने दिया डीएम के आदेश को झटका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। हाईकोर्ट ने एक बार फिर डीएम के आदेश को झटका दिया है। कोर्ट ने जिले की एक ग्राम पंचायत में प्रधान के अधिकार सीज करने की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए आदेश को रद्द कर दिया है। जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते लगातार प्रधानों को कोर्ट से राहत मिल रही है।
डीएम ने 16 सितंबर को अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत गेबर असदुल्लापुर के प्रधान देवेंद्र सिंह द्वारा ग्राम निधि खाते से धनराशि निकाल कर दुरुपयोग करने के मामले में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए थे। मामले में प्रधान को कारण बताओ नोटिस दिए गए। अधिकार सीज होने के बाद प्रधान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा जे ने डीएम के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि प्रशासन ने प्रधान के कारण बताओ नोटिस के जवाब पर कोई ध्यान नहीं दिया। कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि एक महीने में प्रधान को पुन: कारण बताओ नोटिस जारी कर उसके जवाब को शामिल करते हुए कानून के आधार पर कार्रवाई करें। हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरविंद सिंह बताते हैं कि डीएम के आदेश को कोर्ट ने रद्द किया है। साथ ही प्रधान के जवाब को शामिल करते हुए कार्रवाई करने के लिए कहा है।
प्रधानों को कोर्ट से मिल रही लगातार राहत
जिले के प्रधानों को लगातार कोर्ट से राहत मिल रही है। बीते दिनों एक प्रधान से वसूली कराने के मामले में कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिए थे। प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रधानों पर की गई कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
अदालत के निर्देशों के क्रम में प्रधान को पुन: कारण बताओ नोटिस देकर वैधानिक आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सुखलाल भारती, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
डीएम ने 16 सितंबर को अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत गेबर असदुल्लापुर के प्रधान देवेंद्र सिंह द्वारा ग्राम निधि खाते से धनराशि निकाल कर दुरुपयोग करने के मामले में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए थे। मामले में प्रधान को कारण बताओ नोटिस दिए गए। अधिकार सीज होने के बाद प्रधान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा जे ने डीएम के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि प्रशासन ने प्रधान के कारण बताओ नोटिस के जवाब पर कोई ध्यान नहीं दिया। कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि एक महीने में प्रधान को पुन: कारण बताओ नोटिस जारी कर उसके जवाब को शामिल करते हुए कानून के आधार पर कार्रवाई करें। हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरविंद सिंह बताते हैं कि डीएम के आदेश को कोर्ट ने रद्द किया है। साथ ही प्रधान के जवाब को शामिल करते हुए कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
प्रधानों को कोर्ट से मिल रही लगातार राहत
जिले के प्रधानों को लगातार कोर्ट से राहत मिल रही है। बीते दिनों एक प्रधान से वसूली कराने के मामले में कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिए थे। प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रधानों पर की गई कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
अदालत के निर्देशों के क्रम में प्रधान को पुन: कारण बताओ नोटिस देकर वैधानिक आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सुखलाल भारती, जिलाधिकारी।