फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Couple Forced to Live in Old Age Home Refuse to Claim Fathers Body After His Death

वो बेटा नहीं हो सकता: वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हुए दंपती, मौत के बाद पिता की लाश लेने से भी किया इनकार

Wed, 15 Apr 2026 10:16 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: विकास कुमार Updated Wed, 15 Apr 2026 10:16 PM IST
सार

यह घटना एक ओर जहां पारिवारिक रिश्तों के बदलते स्वरूप को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर समाज में जिंदा इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत मिसाल भी पेश करती है। 

विज्ञापन
Couple Forced to Live in Old Age Home Refuse to Claim Fathers Body After His Death
संस्कार मानव सेवा समिति ने किया अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के कासंगज क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर अपनों ने साथ छोड़ दिया, वहीं समाजसेवियों ने आगे बढ़कर इंसानियत की मिसाल पेश की। वृद्धाश्रम में रह रहे एक बुजुर्ग के निधन के बाद उनके बेटों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक सेवा समिति ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली।

विज्ञापन

मोहल्ला भूतेश्वर कॉलोनी बिलराम गेट निवासी चंद्रप्रकाश सक्सेना (70) 30 मार्च 2026 को अपनी पत्नी धनदेवी के साथ वृद्धाश्रम में रहने आए थे। मंगलवार रात उनका निधन हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वृद्धाश्रम प्रशासन ने उनके बेटे विजय कुमार, निवासी कांशीराम कॉलोनी व उसके भाई को सूचना दी। हालांकि, दोनों बेटों ने पिता का शव लेने से साफ इनकार कर दिया, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद वृद्धाश्रम की वार्डन योग्यता ने संस्कार मानव सेवा समिति एटा को सूचना दी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग के पार्थिव शरीर को अपने सुपुर्द लेकर पूरे सम्मान के साथ मोक्षधाम, माल गोदाम रोड, एटा में हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया।

विज्ञापन

यह घटना एक ओर जहां पारिवारिक रिश्तों के बदलते स्वरूप को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर समाज में जिंदा इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत मिसाल भी पेश करती है। वार्डन ने बताया कि सूचना दोनों भाइयों को दी गई, लेकिन दोनों भाइयों ने आने से मना कर दिया। इसके बाद पत्नी की सहमति पर समिति के माध्यम से उनका अंतिम संस्कार करा दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed