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पोलियो की तर्ज पर चलेगा अभियान, खोजे जाएंगे मरीज
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एटा। अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना को रोकने के लिए बीते माह कोविड-19 कंटेनमेंट प्रोग्राम अभियान चलाया गया। सीएम के संज्ञान में आते ही उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में इसी तरह अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिले में 5 से 15 जून तक व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान पोलियो की तर्ज पर चलाया जाएगा।
अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण को रोकने के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह से ही कोविड-19 कंटेनमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी। इसके तहत उन्होंने स्वास्थ्य टीमों का गठन किया। इन टीमों को डोर टू डोर सर्वे करने को कहा गया। जहां जिले के अधिकांश लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। अभियान के तहत मिले संदिग्धों की कोरोना जांच कराई गई। जिसमें कई लोग कोरोना पॉजिटिव भी मिले।
इससे संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने में भी आसानी मिली। अलीगढ़ के बाद यह प्रोग्राम मेरठ में चलाया गया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की बात की। सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि पोलियो की तर्ज पर जिले में अभियान चलाया जाएगा।
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यह होगा मॉडल
इस मॉडल में टीम डोर टू डोर सर्वे कर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच करती है। तापमान और वापसी तक देखती है। कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का ब्योरा तैयार करती है। अगर कहीं भी कोई भी व्यक्ति संक्रमित के संपर्क में आने वाला मिलता है तो टीम उसे होम क्वारंटीन कराएगी। वहीं स्वास्थ्य परीक्षण में खांसी, जुकाम व बुखार के लक्षण मिलते हैं, तो उसकी कोरोना जांच कराई जाएगी।
टीमों की होगी निगरानी
सर्वे के दौरान कोई टीम लापरवाही तो नहीं कर रही है। इसके लिए 4 टीमों के ऊपर एक सुपरवाइजर की तैनाती की जाएगी। जहां सुपरवाइजर द्वारा प्रतिदिन टीम से फीडबैक लिया जाएगा।
प्रतिदिन 50 घर जाएंगी टीम
सर्वे के दौरान 1 दिन में प्रत्येक टीम को 50-50 घर जाना होगा। वहीं शाम को इसकी सूची सुपरवाइजर को देनी होगी। वहीं सुपरवाइजर द्वारा बीमारी से ग्रसित मरीजों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उसके अगले दिन मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिए जाएंगे।
आशा, एएनएम संभालेगी कमान
जिस तरह पोलियो अभियान की सफलता में आशा, एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उसी प्रकार 5 जुलाई से चलने वाले विशेष सर्विलांस अभियान की कमान भी इन्हीं के हाथों में होगी। इनके सहयोग के बिना जनपद में यह कार्य पूर्ण होने की अपेक्षा कम है।
- 5 से 15 जुलाई तक जिले में सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश शासन से मिले हैं। जहां स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बीमारी से ग्रसित मरीजों का विवरण लेंगी। संदिग्ध मिलने पर उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। - डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ।
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अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण को रोकने के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह से ही कोविड-19 कंटेनमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी। इसके तहत उन्होंने स्वास्थ्य टीमों का गठन किया। इन टीमों को डोर टू डोर सर्वे करने को कहा गया। जहां जिले के अधिकांश लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। अभियान के तहत मिले संदिग्धों की कोरोना जांच कराई गई। जिसमें कई लोग कोरोना पॉजिटिव भी मिले।
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इससे संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने में भी आसानी मिली। अलीगढ़ के बाद यह प्रोग्राम मेरठ में चलाया गया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की बात की। सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि पोलियो की तर्ज पर जिले में अभियान चलाया जाएगा।
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यह होगा मॉडल
इस मॉडल में टीम डोर टू डोर सर्वे कर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच करती है। तापमान और वापसी तक देखती है। कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का ब्योरा तैयार करती है। अगर कहीं भी कोई भी व्यक्ति संक्रमित के संपर्क में आने वाला मिलता है तो टीम उसे होम क्वारंटीन कराएगी। वहीं स्वास्थ्य परीक्षण में खांसी, जुकाम व बुखार के लक्षण मिलते हैं, तो उसकी कोरोना जांच कराई जाएगी।
टीमों की होगी निगरानी
सर्वे के दौरान कोई टीम लापरवाही तो नहीं कर रही है। इसके लिए 4 टीमों के ऊपर एक सुपरवाइजर की तैनाती की जाएगी। जहां सुपरवाइजर द्वारा प्रतिदिन टीम से फीडबैक लिया जाएगा।
प्रतिदिन 50 घर जाएंगी टीम
सर्वे के दौरान 1 दिन में प्रत्येक टीम को 50-50 घर जाना होगा। वहीं शाम को इसकी सूची सुपरवाइजर को देनी होगी। वहीं सुपरवाइजर द्वारा बीमारी से ग्रसित मरीजों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उसके अगले दिन मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिए जाएंगे।
आशा, एएनएम संभालेगी कमान
जिस तरह पोलियो अभियान की सफलता में आशा, एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उसी प्रकार 5 जुलाई से चलने वाले विशेष सर्विलांस अभियान की कमान भी इन्हीं के हाथों में होगी। इनके सहयोग के बिना जनपद में यह कार्य पूर्ण होने की अपेक्षा कम है।
- 5 से 15 जुलाई तक जिले में सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश शासन से मिले हैं। जहां स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बीमारी से ग्रसित मरीजों का विवरण लेंगी। संदिग्ध मिलने पर उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। - डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ।