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कोरोना सरीखे लक्षणों के चलते विशेष निगरानी में रहेंगे टीबी मरीज
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एटा। कोरोना से टीबी मरीजों को ज्यादा खतरा देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। किसी प्रकार की सहायता के लिए मरीज नेशनल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800116666 पर कॉल कर सकते हैं। दरअसल जिन्हें टीबी है, उन्हें आसानी से कोरोना शिकार बना सकता है। इसलिए विभाग की ओर से टीबी मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डीटीओ सीएल यादव ने बताया कि कोरोना व टीबी मरीजों में खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण समान हैं। दोनों में फेफड़ों पर हमला होता है और यह दोनों ही बीमारियां संक्रमित व्यक्ति से नजदीकी रखने पर फैलती हैं। ऐसे में जिले में क्षय मरीजों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। मरीजों को एक माह की दवा एडवांस में दी जा रही है। जिला अस्पताल में दवा लेने जो मरीज आ रहे हैं। उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
यह हैं प्रमुख निर्देश
- इलाज करा रहे टीबी मरीजों की विशेष निगरानी रखा जाए।
- निरंतर इलाज के लिए एक माह की दवा एडवांस दी जाए।
- मरीजों की स्क्रीनिंग और कोरोना से जुड़ा जरूरी प्रशिक्षण दें।
- रोगियों के लिए मास्क, सैनिटाइजर जैसे सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
- फेफड़ों में संक्रमण होने पर उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में रखें।
- सभी क्षय रोगियों की टेलीफोनिक व वीडियो मॉनीटरिंग करें।
- बलगम का सैंपल केंद्र से 50 मीटर दूरी पर क्लेक्ट करें।
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डीटीओ सीएल यादव ने बताया कि कोरोना व टीबी मरीजों में खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण समान हैं। दोनों में फेफड़ों पर हमला होता है और यह दोनों ही बीमारियां संक्रमित व्यक्ति से नजदीकी रखने पर फैलती हैं। ऐसे में जिले में क्षय मरीजों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। मरीजों को एक माह की दवा एडवांस में दी जा रही है। जिला अस्पताल में दवा लेने जो मरीज आ रहे हैं। उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
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यह हैं प्रमुख निर्देश
- इलाज करा रहे टीबी मरीजों की विशेष निगरानी रखा जाए।
- निरंतर इलाज के लिए एक माह की दवा एडवांस दी जाए।
- मरीजों की स्क्रीनिंग और कोरोना से जुड़ा जरूरी प्रशिक्षण दें।
- रोगियों के लिए मास्क, सैनिटाइजर जैसे सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
- फेफड़ों में संक्रमण होने पर उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में रखें।
- सभी क्षय रोगियों की टेलीफोनिक व वीडियो मॉनीटरिंग करें।
- बलगम का सैंपल केंद्र से 50 मीटर दूरी पर क्लेक्ट करें।