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रेलवे स्टेशन का द्वार बंद, ट्रैक से सिर्फ मालगाड़ियां कराईं
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कासगंज के रेलवे स्टेशन का बंद गेट
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। कोरोना वायरस के खौफ के कारण ट्रेनों के पहिए थमे रहे। वहीं, मालगाड़ियां कासगंज ट्रैक से होते हुए गुजरीं। ट्रेन निरस्तीकरण आदेश के बाद रेलवे स्टेशन के द्वार बंद रहे। इसके अलावा सिर्फ जरूरतमंद कर्मचारियों को ही काम पर बुलाया गया। रेलवे के अधिकारी पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए रहे।
रेलवे ने कासगंज जंक्शन स्टेशन से दौड़ने वाली सभी ट्रेनों और दूसरे स्टेशनों से आने वाली ट्रेनों को 31 मार्च तक निरस्त कर दिया है। सोमवार को स्टेशन से सवारी या एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं गुजरीं। स्टेशन परिसर पर सन्नाटा छाया रहा। रेलवे ने ट्रेन निरस्तीकरण को लेकर जंक्शन स्टेशन के द्वार बंद कर दिए और वहां बैरियर लगा दिया।
वहीं, रेलवे के अधिकारियों ने सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को काम पर बुलाया, जिनकी वास्तव में जरूरत थी। ऐसे कर्मचारी जो घर से काम कर सकते हैं, उन्हें पर रहने के आदेश जारी किए गए। सिर्फ मालगाड़ियों को ही ट्रैक से निकाला गया। ऐसे में विशेषकर सिग्रल विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को काम पर बुलाया गया।
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आंकड़े की नजर से-
- 36 अपडाउन ट्रेनें रहीं निरस्त।
- 1 लाख से डेढ़ लाख तक प्रतिदिन रेलवे को राजस्व हानि का अनुमान।
- 31 मार्च तक थमे रहेंगे ट्रेनों के चक्के।े
सिर्फ जरूरतमंद बुलाए गए
-ट्रेनें निरस्त की गई हैं। सिर्फ मालगाड़ियों को ही ट्रैक से निकाला गया है। इस दौरान जरूरतमंद कर्मचारी ही काम पर बुलाए गए हैं। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।
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रेलवे ने कासगंज जंक्शन स्टेशन से दौड़ने वाली सभी ट्रेनों और दूसरे स्टेशनों से आने वाली ट्रेनों को 31 मार्च तक निरस्त कर दिया है। सोमवार को स्टेशन से सवारी या एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं गुजरीं। स्टेशन परिसर पर सन्नाटा छाया रहा। रेलवे ने ट्रेन निरस्तीकरण को लेकर जंक्शन स्टेशन के द्वार बंद कर दिए और वहां बैरियर लगा दिया।
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वहीं, रेलवे के अधिकारियों ने सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को काम पर बुलाया, जिनकी वास्तव में जरूरत थी। ऐसे कर्मचारी जो घर से काम कर सकते हैं, उन्हें पर रहने के आदेश जारी किए गए। सिर्फ मालगाड़ियों को ही ट्रैक से निकाला गया। ऐसे में विशेषकर सिग्रल विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को काम पर बुलाया गया।
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आंकड़े की नजर से-
- 36 अपडाउन ट्रेनें रहीं निरस्त।
- 1 लाख से डेढ़ लाख तक प्रतिदिन रेलवे को राजस्व हानि का अनुमान।
- 31 मार्च तक थमे रहेंगे ट्रेनों के चक्के।े
सिर्फ जरूरतमंद बुलाए गए
-ट्रेनें निरस्त की गई हैं। सिर्फ मालगाड़ियों को ही ट्रैक से निकाला गया है। इस दौरान जरूरतमंद कर्मचारी ही काम पर बुलाए गए हैं। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।