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सहकारी बैंक शाखाओं में दूसरे दिन भी सन्नाटा
Amar Ujala
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:29 AM IST
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सहकारी बैंक शाखाओं में दूसरे दिन भी सन्नाटा
- फोटो : Amar Ujala
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आरबीआई के निर्णय से नाराज को-ऑपरेटिव बैंक स्टाफ एसोसिएशन की हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बैंक कर्मचारियों ने आरबीआई के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
कचहरी रोड स्थित एटा जिला सहकारी बैंक मुख्यालय पर कर्मचारियों ने धरने के दौरान पूर्व सांसद और अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक कैलाश यादव ने कहा कि आरबीआई के निर्णय से बैंक ग्राहक और किसान परेशान है।
यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सहकारी बैंकों से 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं बदले जाने से किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। किसान सहकारी समितियों पर और सहकारी समितियां जिला सहकारी बैंकों पर निर्भर हैं। मंडलीय मंत्री जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आरबीआई ने एक पैमाना बनाकर सभी जिला सहकारी बैंको पर पाबंदी लगा दी। इससे सहकारिता विभाग का साख पर असर पड़ रहा है।
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इस मौके पर यूनियन उपाध्यक्ष प्रदीप सिसौदिया, सत्यप्रकाश यादव, डीएस वर्मा, रतनेश शर्मा, राजेंद्र पांडेय, केएन व्यास, रजनीश यादव, अरुण कुमार, दिनेश शर्मा, राजेंद्र ने संबोधित किया। अजहर अली, मुकुल शाक्य, शैलेन्द्र पाठक, राजेश कुमार, जय प्रकाश, प्रदीप सिसौदिया, बृजेश मथुरिया, जितेन्द्र पाल सिंह, राजा राम, महेन्द्र सिंह, नितिन चौधरी, सतेन्द्र यादव, नृपेन्द्र यादव, नरेश चन्द्र, रोहित यादव, विनोद कुमार, विजय मिश्रा, सत्यप्रकाश, जर्नादन यादव, शिवपाल यादव, भूपेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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कचहरी रोड स्थित एटा जिला सहकारी बैंक मुख्यालय पर कर्मचारियों ने धरने के दौरान पूर्व सांसद और अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक कैलाश यादव ने कहा कि आरबीआई के निर्णय से बैंक ग्राहक और किसान परेशान है।
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यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सहकारी बैंकों से 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं बदले जाने से किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। किसान सहकारी समितियों पर और सहकारी समितियां जिला सहकारी बैंकों पर निर्भर हैं। मंडलीय मंत्री जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आरबीआई ने एक पैमाना बनाकर सभी जिला सहकारी बैंको पर पाबंदी लगा दी। इससे सहकारिता विभाग का साख पर असर पड़ रहा है।
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इस मौके पर यूनियन उपाध्यक्ष प्रदीप सिसौदिया, सत्यप्रकाश यादव, डीएस वर्मा, रतनेश शर्मा, राजेंद्र पांडेय, केएन व्यास, रजनीश यादव, अरुण कुमार, दिनेश शर्मा, राजेंद्र ने संबोधित किया। अजहर अली, मुकुल शाक्य, शैलेन्द्र पाठक, राजेश कुमार, जय प्रकाश, प्रदीप सिसौदिया, बृजेश मथुरिया, जितेन्द्र पाल सिंह, राजा राम, महेन्द्र सिंह, नितिन चौधरी, सतेन्द्र यादव, नृपेन्द्र यादव, नरेश चन्द्र, रोहित यादव, विनोद कुमार, विजय मिश्रा, सत्यप्रकाश, जर्नादन यादव, शिवपाल यादव, भूपेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।