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Etah News: कई वर्षों से पटलों पर जमे लिपिकों को हटाया

Wed, 29 Jul 2026 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 29 Jul 2026 11:12 PM IST
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Clerks who had been entrenched in their posts for years were removed.
एटा। कलेक्ट्रेट में कई सालों से मलाईदार पटलों पर जमे लिपिकों को हटा दिया गया है। कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल संघ की याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देश और राजस्व परिषद के आदेश पर एडीएम प्रशासन ने यह बदलाव किया है। हालांकि कुछ बाबुओं को पटल के साथ क्षेत्र परिवर्तन नहीं करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे नियम विरुद्ध बताया जा रहा है। मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। हाईकोर्ट ने भी 20-06-2008 और 13-10-2023 के शासनादेशों के अनुपालन पर राजस्व परिषद से जवाब-तलब किया। इस पर राजस्व परिषद के सचिव ने पत्र जारी कर सभी जिलों से समूह-ग के समस्त लिपिक, पटल परिवर्तन की आख्या मांगी। एटा जनपद में कुल 66 लिपिक हैं। इनमें कलेक्ट्रेट में 42, तहसील सदर में 5, जलेसर में 13 और अलीगंज 6 लिपिकों की तैनाती है। इनमें कई लिपिक ऐसे हैं जो 10-15 वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात हैं। कई ऐसे हैं जिन्हें एक पटल पर पांच वर्ष से अधिक का समय हो गया है। एटा से सात लिपिकों के पटल परिवर्तन किए गए।
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इनके बदले गए पटल :
राजस्व सहायक कलक्ट्रेट, एलबीसी प्रथम मनोज कुमार दीक्षित पटल से हटाकर वरिष्ठ सहायक सामान्य, ईआरके का प्रभार दिया गया है। राकेश वर्मा वरिष्ठ सहायक देयक से हटाकर स्टाम्प लिपिक कलक्ट्रेट, राजस्व सहायक (प्रथम) का कार्य संभालेंगे। सुनील कुमार कुलश्रेष्ठ नायब नाजिर कलेक्ट्रेट और आशुलिपिक एडीएम वित्त एवं राजस्व के स्थान पर एमजे तहसीलदार एटा के साथ पेशकार उप जिलाधिकारी (न्यायिक) की जिम्मेदारी देखेंगे। एडीएम वित्त-राजस्व के रीडर सौरभ कुमार को उनके आशुलिपिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एमजे तहसीलदार और शिकायत लिपिक ऐश्वर्य प्रताप को एलबीसी प्रथम बनाया गया है। शिवानी वर्मा एसीआरए संग्रह कार्यालय को प्रतिलिपिक राजस्व अभिलेखाकार बनाया गया है। शहना अंजुम को एसीआरए संग्रह कार्यालय बनाया गया है।
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पत्र में नियमानुसार पटल बदलने की मांग: याचिकाकर्ता और प्रांतीय कनिष्ठ उपाध्याय तृतीय उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने आयुक्त राजस्व परिषद को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि 20 जून 2008 के आदेशानुसार कोई भी कर्मचारी संपूर्ण सेवाकाल में किसी तहसील में 10 वर्ष और कलेक्ट्रेट में 15 वर्ष से अधिक नहीं रह सकता। कर्मचारी को अपने सेवाकाल में 10 वर्ष में न्यूनतम पांच वर्ष कलेक्ट्रेट एवं पांच वर्ष जनपद की तहसीलों में कार्य करना अनिवार्य है। वरिष्ठ लिपिक पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पांच वर्ष की सेवा के बाद कलेक्ट्रेट में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मियों को किसी भी दशा में 10 वर्षों से अधिक की तैनाती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एटा कलेक्ट्रट में कई कर्मचारियों पर लंबे समय से नियम विरुद्ध तैनाती और संबद्धीकरण का आरोप लगाया है। पटल परिवर्तन में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
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