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Etah News: सीएचओ ने सीएमओ पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का लगाया आरोप
Thu, 25 Jul 2024 10:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 25 Jul 2024 10:54 PM IST
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एटा। निधौलीकलां ब्लॉक क्षेत्र में एक जनआरोग्य मंदिर पर तैनात रही एक सीएचओ ने सीएमओ पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। सीएचओ ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल किया है। वहीं एक बीपीएम पर शारीरिक संबंधी बनाने के लिए परेशान करने का भी आरोप लगाया है।
वायरल वीडियो में सीएचओ कह रही है कि बीते ढाई वर्ष से उसका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। उसके साथ सीएमओ ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मामले की शिकायत डीएम से की तो वहां बताया गया कि पहले से जांच चल रही है, उसे टरका दिया गया। सीएचओ ने वायरल वीडियो के माध्यम से कई संगठनों से मदद करने की अपील की है। वहीं एक्स पर पोस्ट कर बागवाला सीएचसी प्रभारी पर रिश्वत मांगने और बीपीएम पर शारीरिक संबंधों के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया सीएचसी अधीक्षक ने सीएचओ की शिकायतों के प्रपत्र दिए हैं। जिनको डीएम को दिया गया है और वहां से मामले की जांच की जा रही है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी प्रपत्रों को रखा जा चुका है। जांच रिपोर्ट में हकीकत सामने आ जाएगी। जो भी दोषी होगा, उच्चाधिकारी उसको दंडित करेंगे। सीएचओ द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, निराधार हैं।
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डीएम ने एसडीएम को सौंपी जांच
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि सीएमओ द्वारा पूर्व में सीएचओ के बारे में रिपोर्ट दी गई। बताया गया कि विभिन्न अनियमितताओं के चलते उनका सेवा विस्तार स्थगित कर दिया गया है। जिसके चलते वह अनर्गल आरेप लगाकर शिकायतें कर रही हैं। डीएम ने बताया कि संबंधित सीएचओ की जांच पूर्व में एसडीएम न्यायिक जलेसर जगमोहन गुप्ता को दी गई थी। सीएचओ द्वारा दोबारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसकी जांच एसडीएम सदर भावना विमल को सौंपकर 3 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
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वायरल वीडियो में सीएचओ कह रही है कि बीते ढाई वर्ष से उसका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। उसके साथ सीएमओ ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मामले की शिकायत डीएम से की तो वहां बताया गया कि पहले से जांच चल रही है, उसे टरका दिया गया। सीएचओ ने वायरल वीडियो के माध्यम से कई संगठनों से मदद करने की अपील की है। वहीं एक्स पर पोस्ट कर बागवाला सीएचसी प्रभारी पर रिश्वत मांगने और बीपीएम पर शारीरिक संबंधों के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है।
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सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया सीएचसी अधीक्षक ने सीएचओ की शिकायतों के प्रपत्र दिए हैं। जिनको डीएम को दिया गया है और वहां से मामले की जांच की जा रही है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी प्रपत्रों को रखा जा चुका है। जांच रिपोर्ट में हकीकत सामने आ जाएगी। जो भी दोषी होगा, उच्चाधिकारी उसको दंडित करेंगे। सीएचओ द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, निराधार हैं।
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डीएम ने एसडीएम को सौंपी जांच
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि सीएमओ द्वारा पूर्व में सीएचओ के बारे में रिपोर्ट दी गई। बताया गया कि विभिन्न अनियमितताओं के चलते उनका सेवा विस्तार स्थगित कर दिया गया है। जिसके चलते वह अनर्गल आरेप लगाकर शिकायतें कर रही हैं। डीएम ने बताया कि संबंधित सीएचओ की जांच पूर्व में एसडीएम न्यायिक जलेसर जगमोहन गुप्ता को दी गई थी। सीएचओ द्वारा दोबारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसकी जांच एसडीएम सदर भावना विमल को सौंपकर 3 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।