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दस प्रतिशत अभिभावकों पर एंड्रायड-इंटरनेट सुविधा, बाकी कैसे सीखेंगे बोलना
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एटा। जिले में बिना एंड्रायड, इंटरनेट के बच्चे बोलो एप के सहारे हिंदी और अंग्रेजी बोलना कैसे सीखेंगे। परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत 6 से 11 वर्ष के 1.15 लाख बच्चों में से मात्र दस प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों के पास नेट एवं एंड्रायड की सुविधा है। ऐसे में यह योजना कैसे फलीभूत होगी।
मिशन प्रेरणा के अंतर्गत शिक्षा विभाग ने गूगल से समझौता कर छह से ग्यारह वर्ष के बच्चों के लिए पठन कौशल (रीडिंग स्किल) विकास के लिए रीड एलांग एप्लीकेशन बोलो तैयार किया है। इसकी मदद से बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का सही उच्चारण सिखाया जाएगा।
वहीं, डीसी प्रशिक्षण संजय मिश्र ने बताया कि शासन के प्रस्तावित एप को लेकर बैठक बुलाई गई है। इसमें मिलने वाले दिशा निर्देश के बाद इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। ग्रामीण अभिभावकों पर एंड्रायड एवं नेट की समस्या गंभीर है।
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मिशन प्रेरणा के अंतर्गत शिक्षा विभाग ने गूगल से समझौता कर छह से ग्यारह वर्ष के बच्चों के लिए पठन कौशल (रीडिंग स्किल) विकास के लिए रीड एलांग एप्लीकेशन बोलो तैयार किया है। इसकी मदद से बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का सही उच्चारण सिखाया जाएगा।
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वहीं, डीसी प्रशिक्षण संजय मिश्र ने बताया कि शासन के प्रस्तावित एप को लेकर बैठक बुलाई गई है। इसमें मिलने वाले दिशा निर्देश के बाद इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। ग्रामीण अभिभावकों पर एंड्रायड एवं नेट की समस्या गंभीर है।
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