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Etah News: बैटरी के अभाव में ठप रही रक्तचाप जांच, बिना जांच लौटे मरीज
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मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में शुगर व रक्तचाप की जांच के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
- फोटो : Demand to withdraw FIRs registered during the Parliament gherao.
एटा। मेडिकल कॉलेज के नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) विभाग में शुक्रवार को बड़ी लापरवाही देखने को मिली। विभाग में रखी रक्तचाप मापने की दोनों डिजिटल मशीनें बैटरी खत्म होने के कारण बंद रहीं। इससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों का रक्तचाप नहीं मापा जा सका और उन्हें बिना जांच के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि शुगर की जांच की गई, लेकिन रक्तचाप की जांच न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों का रक्तचाप और शुगर की जांच की जाती है। इनमें अधिकांश मरीज उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। ऐसे मरीजों के उपचार में रक्तचाप की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। बावजूद इसके, विभाग समय रहते मशीनों की बैटरी तक उपलब्ध नहीं करा सका।
जांच कराने पहुंचे मरीज रामकिशोर (60) ने बताया कि वह दवा लेने से पहले हर बार रक्तचाप की जांच कराते हैं, लेकिन शुक्रवार को मशीन बंद होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। वहीं मरीज शांति देवी (50) ने बताया कि कई किलोमीटर दूर से मेडिकल कॉलेज आई थीं, लेकिन रक्तचाप की जांच न होने से निराश होकर घर लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में छोटी-छोटी लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एनसीडी विभाग से बैटरी उपलब्ध न होने की कोई सूचना नहीं मिली थी। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित चिकित्सक को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों का रक्तचाप और शुगर की जांच की जाती है। इनमें अधिकांश मरीज उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। ऐसे मरीजों के उपचार में रक्तचाप की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। बावजूद इसके, विभाग समय रहते मशीनों की बैटरी तक उपलब्ध नहीं करा सका।
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जांच कराने पहुंचे मरीज रामकिशोर (60) ने बताया कि वह दवा लेने से पहले हर बार रक्तचाप की जांच कराते हैं, लेकिन शुक्रवार को मशीन बंद होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। वहीं मरीज शांति देवी (50) ने बताया कि कई किलोमीटर दूर से मेडिकल कॉलेज आई थीं, लेकिन रक्तचाप की जांच न होने से निराश होकर घर लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में छोटी-छोटी लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एनसीडी विभाग से बैटरी उपलब्ध न होने की कोई सूचना नहीं मिली थी। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित चिकित्सक को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।