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पहले चक्र में पिछड़कर बाद में जमकर दौड़ी भाजपा
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जीटी रोड पर जुलूस निकलते सदर विधायक विपिन वर्मा ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मंडी समिति पर मतगणना शुरू हुई तो सभी की निगाहें और कान वहीं स्थिर हो गए। अनुमानों में सबसे आगे चल रही भाजपा पहले ही चक्र में 166 मतों से पिछड़ गई। जिससे भाजपा के मतगणना एजेंट, पदाधिकारी और कार्यकर्ता सन्न रह गए। जबकि सपा खेमे में खुशी छा गई, लेकिन यही एक चक्र था, जिसमें सपा को खुश होने का मौका मिला। इसके बाद तो भाजपा ने ऐसी दौड़ लगाई कि सपा को अन्य किसी भी चक्र में आगे आने का मौका नहीं मिला। जैसे-जैसे चक्र बढ़े, मुकाबला एकतरफा जैसा होता गया। भाजपा की बढ़त इतनी ज्यादा हो गई कि सपा की जीत की उम्मीदें मतगणना से पहले ही खत्म हो गईं।
सदर सीट पर कुल 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें से मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी और मौजूदा विधायक विपिन वर्मा डेविड तथा सपा के पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के बीच शुरू से रहा। बसपा के प्रत्याशी अजय यादव ने कुछ हद तक संघर्ष किया। जबकि कांग्रेस, आप सहित अन्य दल व निर्दलीय प्रत्याशी पूरी तरह निढाल नजर आए। मतगणना स्थल पर भाजपा, सपा के खेमे में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ थी। जैसे ही पहले चक्र के परिणाम आना शुरू हुए, सरगर्मियां बढ़ गईं। इसमें सपा को बढ़त मिली और यह खेमा जोश से सराबोर हो गया।
हालांकि यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं ठहरी, अगले चक्र के परिणाम ने सपाइयों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। इसके बाद हर चक्र में भाजपा तेजी से आगे बढ़ती गई। जिसका पीछा करने में सपा के पैर उखड़ गए। 15 चक्र के बाद तो यह स्थिति हो गई कि सपा मुकाबले से ही बाहर नजर आने लगी। मतगणना स्थल के बाहर हर चक्र का परिणाम आते ही भाजपाइयों का जोश बढ़ जाता और नारेबाजी होने लगी। जोशीले भाजपाइयों को संभालना पुलिस के लिए मुश्किल पड़ रहा था। मतगणना स्थल के अंदर भले ही भाजपाई संयम बरते थे, लेकिन 20 चक्र के बाद तो मतगणना स्थल के बाहर जीत का जश्न मनने लगा।
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सदर सीट पर कुल 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें से मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी और मौजूदा विधायक विपिन वर्मा डेविड तथा सपा के पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के बीच शुरू से रहा। बसपा के प्रत्याशी अजय यादव ने कुछ हद तक संघर्ष किया। जबकि कांग्रेस, आप सहित अन्य दल व निर्दलीय प्रत्याशी पूरी तरह निढाल नजर आए। मतगणना स्थल पर भाजपा, सपा के खेमे में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ थी। जैसे ही पहले चक्र के परिणाम आना शुरू हुए, सरगर्मियां बढ़ गईं। इसमें सपा को बढ़त मिली और यह खेमा जोश से सराबोर हो गया।
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हालांकि यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं ठहरी, अगले चक्र के परिणाम ने सपाइयों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। इसके बाद हर चक्र में भाजपा तेजी से आगे बढ़ती गई। जिसका पीछा करने में सपा के पैर उखड़ गए। 15 चक्र के बाद तो यह स्थिति हो गई कि सपा मुकाबले से ही बाहर नजर आने लगी। मतगणना स्थल के बाहर हर चक्र का परिणाम आते ही भाजपाइयों का जोश बढ़ जाता और नारेबाजी होने लगी। जोशीले भाजपाइयों को संभालना पुलिस के लिए मुश्किल पड़ रहा था। मतगणना स्थल के अंदर भले ही भाजपाई संयम बरते थे, लेकिन 20 चक्र के बाद तो मतगणना स्थल के बाहर जीत का जश्न मनने लगा।
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