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Etah News: रोक बेअसर, स्कूल वाहनों में खौफनाक सफर
Wed, 06 Mar 2024 05:02 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 06 Mar 2024 05:02 PM IST
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एटा। निजी स्कूलों के लिए चल रहे छोटे वाहन बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। रोक के बावजूद अनधिकृत रूप से एलपीजी का प्रयोग कर वाहनों को चलाया जा रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हर जगह स्कूलों में छोटी-छोटी वैन संचालित हैं। जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को लाया-ले जाया जाता है। वैन में 6 से 8 तक छात्रों को बिठाया जा सकता है। मगर इनके चालक एक वैन में 12 से 15 बच्चों तक को बिठाकर चलते हैं। वहीं इनमें ईंधन के रूप में सीएनजी की जगह एलपीजी का प्रयोग किया जाता है। जिसकी वजह से दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। शहर में ही कई स्थानों पर अनधिकृत रूप से गैस रिफिलिंग भी की जाती है। लेकिन न तो पूर्ति विभाग और न ही परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
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स्कूल का नाम और न ही कोई आपातकालीन नंबर
जिस वैन के माध्यम से बच्चों को स्कूल लाया-ले जाया जा रहा है। उनमें से अधिकांश पर स्कूल का नाम तक नहीं हैं। इतना ही नहीं इनके ऊपर कहीं भी किसी प्रकार का कोई हेल्पलाइन नंबर भी नहीं है। जिसकी वजह से हादसे के समय सूचना देने के लिए भी लोगों को अपने स्तर से जानकारी करनी पड़ती है।
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यहां बने हुए हैं रिफिलिंग प्वाइंट
- निधौली कलां रोड।
- शिकोहाबाद रोड।
- शीतलपुर रोड।
- कासगंज रोड।
ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। स्कूल के वाहन पीले रंग के होते हैं और उन पर स्कूल का नाम अंकित होता है। मगर कहीं निजी वाहनों से बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, तो कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। -सतेंद्र कुमार, एआरटीओ
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हर जगह स्कूलों में छोटी-छोटी वैन संचालित हैं। जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को लाया-ले जाया जाता है। वैन में 6 से 8 तक छात्रों को बिठाया जा सकता है। मगर इनके चालक एक वैन में 12 से 15 बच्चों तक को बिठाकर चलते हैं। वहीं इनमें ईंधन के रूप में सीएनजी की जगह एलपीजी का प्रयोग किया जाता है। जिसकी वजह से दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। शहर में ही कई स्थानों पर अनधिकृत रूप से गैस रिफिलिंग भी की जाती है। लेकिन न तो पूर्ति विभाग और न ही परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
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स्कूल का नाम और न ही कोई आपातकालीन नंबर
जिस वैन के माध्यम से बच्चों को स्कूल लाया-ले जाया जा रहा है। उनमें से अधिकांश पर स्कूल का नाम तक नहीं हैं। इतना ही नहीं इनके ऊपर कहीं भी किसी प्रकार का कोई हेल्पलाइन नंबर भी नहीं है। जिसकी वजह से हादसे के समय सूचना देने के लिए भी लोगों को अपने स्तर से जानकारी करनी पड़ती है।
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यहां बने हुए हैं रिफिलिंग प्वाइंट
- निधौली कलां रोड।
- शिकोहाबाद रोड।
- शीतलपुर रोड।
- कासगंज रोड।
ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। स्कूल के वाहन पीले रंग के होते हैं और उन पर स्कूल का नाम अंकित होता है। मगर कहीं निजी वाहनों से बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, तो कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। -सतेंद्र कुमार, एआरटीओ