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Etah News: हैंडबाॅल प्रतियोगिता में अवागढ पब्लिक स्कूल ने मारी बाजी
Mon, 26 Aug 2024 10:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 26 Aug 2024 10:52 PM IST
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एटा। हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को स्टेडियम में हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अवागढ़ पब्लिक स्कूल की टीम ने बाजी मारी।
प्रतियोगिता में कई टीमों ने प्रतिभाग किया। फाइनल मैच में अवागढ़ पब्लिक स्कूल ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम की टीम को हराया। विजेता टीम के खिलाड़ियों को जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार ने मेडल पहनाकर पुरस्कृत किया। उप जिला क्रीड़ाधिकारी पूजा भट्ट ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। कहा कि मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर माना जाता था। उनके पिता सेना में थे। झांसी स्थानांतरण होने के बाद वह भी साथ चले गए। वहां रुझान बदला और फिर वह हॉकी खेलने लगे।
बताया कि उन्हें आक्रामक खेल पसंद था, अकेले ही बाल ड्रिबल करते हुए डी में प्रवेश कर जाते थे। 1960 से 1970 तक भारतीय हाॅकी टीम के कोच रहने के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की ड्रिबलिंग और बाल कंट्रोल स्किल को बढ़ाने का प्रयास किया था। निर्णायक की भूमिका शेखर ठाकुर, नवीन, वीरपाल व अभिलाषा ने निभाई। हेमलता, किशन, विनय, सपना, वर्षा आदि रहे।
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प्रतियोगिता में कई टीमों ने प्रतिभाग किया। फाइनल मैच में अवागढ़ पब्लिक स्कूल ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम की टीम को हराया। विजेता टीम के खिलाड़ियों को जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार ने मेडल पहनाकर पुरस्कृत किया। उप जिला क्रीड़ाधिकारी पूजा भट्ट ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। कहा कि मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर माना जाता था। उनके पिता सेना में थे। झांसी स्थानांतरण होने के बाद वह भी साथ चले गए। वहां रुझान बदला और फिर वह हॉकी खेलने लगे।
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बताया कि उन्हें आक्रामक खेल पसंद था, अकेले ही बाल ड्रिबल करते हुए डी में प्रवेश कर जाते थे। 1960 से 1970 तक भारतीय हाॅकी टीम के कोच रहने के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की ड्रिबलिंग और बाल कंट्रोल स्किल को बढ़ाने का प्रयास किया था। निर्णायक की भूमिका शेखर ठाकुर, नवीन, वीरपाल व अभिलाषा ने निभाई। हेमलता, किशन, विनय, सपना, वर्षा आदि रहे।
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