एटा। गांव-गांव तक बीमारियों की खबर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम का नेटवर्क बनाया है, जो किसी भी तरह की संक्रामक बीमारी फैलने पर जानकारी देती हैं और जांच व इलाज शुरू करा दिया जाता है, लेकिन इस बार बुखार के हमले के बीच यह नेटवर्क फेल हो गया। विभाग तक बीमारियों की खबरें नहीं पहुंच रहीं। एक दो गांव को छोड़ दें तो आशा एएनएम सूचना ही नहीं दे रहीं हैं। कई गांव में बुखार फैला हुआ है। लोग प्राइवेट चिकित्सकों और झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं। जबकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रथम कड़ी आशा को माना जाता है। गांव में रोग फैलने की सूचना विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। हर ग्राम पंचायत में आशा तैनात कर विभाग इनके माध्यम से सर्वे भी कराता है। अधिकारियों ने व्हाट्सप ग्रुप भी बनाए हैं। जिससे किसी भी तरह की बीमारी फैलने पर ग्रुप में तुरंत जानकारी दी जाए। बावजूद इसके सटीक सूचना अधिकारियों को नहीं मिल पा रही है। बीते दिनों ओनघाट से एक संगिनी ने जरूर सूचना दी। जहां टीम के पहुंचने पर 145 लोग सर्दी, खांसी, बुखार से ग्रसित मिले। जबकि असरौली, कंसुरी, दूल्हापुर सहित ऐसे तमाम गांव हैं, जहां से बुखार के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन आशा और एएनएम की ओर से जानकारी नहीं दी गई।