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अंतिम संस्कार तक नहीं जले गांव में चूल्हे
amar ujala
Updated Sat, 13 May 2017 12:16 AM IST
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इंजीनियर की मौत पर गमगीन बैठी महिलाएं
- फोटो : amar ujala
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इंजीनियर संदीप का गुरुवार की देर रात सहबाजपुर गंगा घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। अंतिम संस्कार तक गांव में चूल्हे तक नहीं जले। उसकी हत्या की घटना से ग्रामीणों की आंखें नम हैं।
इंजीनियर संदीप निवासी म्यांसुर सहावर की उसके भांजे शिवम ने आगरा में सात टुकडे़ कर हत्या कर दी थी। उसका शव गुरुवार को देर शाम उसके आवास पर पहुंच गया। शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। शव गांव के निकट ही बने सहबाजपुर गंगा घाट ले जाया गया। ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने अपने चूल्हे तक नहीं जलाए। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसकी बहन मंजू भी अपने मायके पहुंच गई। अपने बेटे के हाथों भाई की हत्या की घटना से वह काफी आहत नजर आई।
काफी होनहार था संदीप
इंजीनियर संदीप ने एटा के परसौन इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा में कॉलेज टॉप किया था। गणित में उसने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। चार विषय में उसने विशेष योग्यता प्राप्त की। इंटर में भी वह विशेष योग्यता के साथ इसी कॉलेज से उत्तीर्ण किया। दो साल पहले आगरा बी टेक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद गुड़गावं नौकरी करने के लिए चला गया। ग्रामीण रवि शाक्य, भास्कर चौहान, विनय ने बताया कि वह काफी मिलनसार था। पिता की मौत पंद्रह साल पहले हो गई थी। अब परिवार की जिम्मेदारी संदीप के बडे़ भाई विजय प्रकाश के कंधों पर आ गई। संदीप की शिक्षा में लगन को देखते हुए उसको अच्छी शिक्षा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोडी। यहां तक पढ़ाई के लिए कर्ज भी लिया।
इंजीनियर संदीप निवासी म्यांसुर सहावर की उसके भांजे शिवम ने आगरा में सात टुकडे़ कर हत्या कर दी थी। उसका शव गुरुवार को देर शाम उसके आवास पर पहुंच गया। शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। शव गांव के निकट ही बने सहबाजपुर गंगा घाट ले जाया गया। ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने अपने चूल्हे तक नहीं जलाए। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसकी बहन मंजू भी अपने मायके पहुंच गई। अपने बेटे के हाथों भाई की हत्या की घटना से वह काफी आहत नजर आई।
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काफी होनहार था संदीप
इंजीनियर संदीप ने एटा के परसौन इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा में कॉलेज टॉप किया था। गणित में उसने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। चार विषय में उसने विशेष योग्यता प्राप्त की। इंटर में भी वह विशेष योग्यता के साथ इसी कॉलेज से उत्तीर्ण किया। दो साल पहले आगरा बी टेक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद गुड़गावं नौकरी करने के लिए चला गया। ग्रामीण रवि शाक्य, भास्कर चौहान, विनय ने बताया कि वह काफी मिलनसार था। पिता की मौत पंद्रह साल पहले हो गई थी। अब परिवार की जिम्मेदारी संदीप के बडे़ भाई विजय प्रकाश के कंधों पर आ गई। संदीप की शिक्षा में लगन को देखते हुए उसको अच्छी शिक्षा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोडी। यहां तक पढ़ाई के लिए कर्ज भी लिया।
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