{"_id":"5f68e4ae8ebc3e2219108289","slug":"alzimer-day-worlfd-alzimer-day-world-alzimer-day-etah-news-agr4602960164","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्गों के प्रति अपनापन दिखाएं, भूलने की बीमारी से बचाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्गों के प्रति अपनापन दिखाएं, भूलने की बीमारी से बचाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। विश्व अल्जाइमर्स दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमओ की डॉ. अरविंद कुमार गर्ग की अध्यक्षता में गोष्ठी हुई। इसमें सीएमओ ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ ही भूलने की आदत (अल्जाइमर्स -डिमेंशिया) हो जाती है। ऐसे में बुजुर्गों के प्रति अपनापन दिखाएं, भूलने की बीमारी से बचाएं। इसके लिए हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर्स -डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है।
सीएमओ ने कहा कि अल्जाइमर्स डिमेंसिया दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों में जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियां लाई जा सकें। इसी के तहत 27 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों में जागरूकता लाने की कोशिश की जाएगी ।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरएन गुप्ता ने बताया कि जब मस्तिष्क कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो डिमेंशिया हो जाता है। अमूमन 65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है।
विज्ञापन
फोन मिलाएं-समस्या का समाधान पाएं
अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान के टोल फ्री नंबर- 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।
विज्ञापन
सीएमओ ने कहा कि अल्जाइमर्स डिमेंसिया दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों में जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियां लाई जा सकें। इसी के तहत 27 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों में जागरूकता लाने की कोशिश की जाएगी ।
विज्ञापन
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरएन गुप्ता ने बताया कि जब मस्तिष्क कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो डिमेंशिया हो जाता है। अमूमन 65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है।
विज्ञापन
फोन मिलाएं-समस्या का समाधान पाएं
अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान के टोल फ्री नंबर- 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।