{"_id":"691b5082345abd19a80ebc0e","slug":"ai-alerts-32628-suspicious-voters-identified-etah-news-c-163-1-sagr1016-142068-2025-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: एआई ने दिया इशारा, घेरे में आए 32628 संदिग्ध मतदाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: एआई ने दिया इशारा, घेरे में आए 32628 संदिग्ध मतदाता
विज्ञापन
एक्सक्लूसिव
एटा। एक ओर जहां विधानसभा चुनाव की मतदाता सूचियों का एआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) चल रहा है। वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का काम भी जोरों पर है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पकड़े गए डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन में 32628 संदिग्ध मतदाता मिले हैं। ये बार-बार मांगे जाने के बाद भी अपने आधार कार्ड का विवरण नहीं दे रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग के स्तर पर एआई के माध्यम से मिलते-जुलते नाम वाले मतदाता छांटे गए। एटा में ऐसे 192079 मतदाता मिले। इनका ब्योरा जिले में सत्यापन के लिए भेजा गया। इस पर बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कार्य शुरू कराया गया। उद्देश्य है कि एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम को एक ही स्थान पर रखा जाए। अन्य स्थानों से उनके नाम काट दिए जाएं ताकि पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची तैयार हो सके। साथ ही मतदान के दौरान गड़बड़ियों की गुंजाइश न रहे।
बीएलओ ने घर-घर जाकर जब पड़ताल की तो अब तक 32628 मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम को लेकर संदेह बना हुआ है। बीएलओ ने उनसे आधार विवरण मांगा तो उपलब्ध नहीं कराया। इससे संदेह और बढ़ गया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि मतदाताओं का आधार विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में गहनता से सत्यापन कराया जा रहा है। इसके आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
8457 नाम किए गए डिलीट
डुप्लीकेट डाटा में 8457 ऐसे नाम भी थे जिनके सत्यापन के दौरान इन नाम के मतदाता ही नहीं मिले। इस आधार पर इनके नामों को मतदाता सूची से डिलीट करने की कार्रवाई की गई ह।
73 हजार का सत्यापन शेष
यह ब्योरा लगभग 77 हजार नामों के सत्यापन में ही सामने आया है। कुल 192078 मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। इनमें से 73722 मतदाताओं का सत्यापन होना अभी बाकी है। इसमें भी तमाम डुप्लीकेट मतदाता पकड़ में आ सकते हैं।
विज्ञापन
एटा। एक ओर जहां विधानसभा चुनाव की मतदाता सूचियों का एआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) चल रहा है। वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का काम भी जोरों पर है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पकड़े गए डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन में 32628 संदिग्ध मतदाता मिले हैं। ये बार-बार मांगे जाने के बाद भी अपने आधार कार्ड का विवरण नहीं दे रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग के स्तर पर एआई के माध्यम से मिलते-जुलते नाम वाले मतदाता छांटे गए। एटा में ऐसे 192079 मतदाता मिले। इनका ब्योरा जिले में सत्यापन के लिए भेजा गया। इस पर बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कार्य शुरू कराया गया। उद्देश्य है कि एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम को एक ही स्थान पर रखा जाए। अन्य स्थानों से उनके नाम काट दिए जाएं ताकि पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची तैयार हो सके। साथ ही मतदान के दौरान गड़बड़ियों की गुंजाइश न रहे।
विज्ञापन
बीएलओ ने घर-घर जाकर जब पड़ताल की तो अब तक 32628 मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम को लेकर संदेह बना हुआ है। बीएलओ ने उनसे आधार विवरण मांगा तो उपलब्ध नहीं कराया। इससे संदेह और बढ़ गया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि मतदाताओं का आधार विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में गहनता से सत्यापन कराया जा रहा है। इसके आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
8457 नाम किए गए डिलीट
डुप्लीकेट डाटा में 8457 ऐसे नाम भी थे जिनके सत्यापन के दौरान इन नाम के मतदाता ही नहीं मिले। इस आधार पर इनके नामों को मतदाता सूची से डिलीट करने की कार्रवाई की गई ह।
73 हजार का सत्यापन शेष
यह ब्योरा लगभग 77 हजार नामों के सत्यापन में ही सामने आया है। कुल 192078 मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। इनमें से 73722 मतदाताओं का सत्यापन होना अभी बाकी है। इसमें भी तमाम डुप्लीकेट मतदाता पकड़ में आ सकते हैं।