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Etah News: सुबह से शाम तक कतार में लगने के बाद मिली एक बोरी यूरिया
Tue, 12 Aug 2025 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 11:08 PM IST
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यूरिया ले जाती महिला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मिरहची। डीएपी और यूरिया के लिए किसान तरस रहा है। सहकारी समिति पर खाद के वितरण की खबर पर किसान और महिलाएं मंगलवार सुबह से केंद्र पर पहुंच गए। शाम तक कतार में धक्का-मुक्की और पुलिस की फटकार सुनने के बाद यूरिया की मात्र एक बोरी मिल सकी।
कस्बे की सहकारी समिति पर मंगलवार को यूरिया वितरण की खबर पर सुबह 6 बजे से किसानों ने डेरा जमा लिया। पुरुषों के मजदूरी करने जाने पर महिलाएं केंद्र पर खाद लेने आ गईं। खाद की सीमित बोरियां होने पर सभी किसानों को खतौनी देखकर एक-एक बोरी दी गई। किसानों की बेहिसाब भीड़ को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी में वितरण किया गया।
खाद बंटने की जानकारी पर सुबह 6 बजे घर का काम-काज छोड़कर बारिश में भीगते हुए सहकारी समिति पर आकर लाइन में लग गए। तीन बोरी की जरूरत थी एक ही बोरी मिल सकी। -सीमा देवी, धिरामई
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परिवार के लोग मजदूरी करते हैं जो नहीं छोड़ी जा सकती। इसलिए पुरुषों के मजदूरी और बच्चों के स्कूल जाने पर हम मजबूरी में खाद लेने आए। शाम होने पर एक बोरी मिल सकी है। -उर्मिला देवी, विजयपुर
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कस्बे की सहकारी समिति पर मंगलवार को यूरिया वितरण की खबर पर सुबह 6 बजे से किसानों ने डेरा जमा लिया। पुरुषों के मजदूरी करने जाने पर महिलाएं केंद्र पर खाद लेने आ गईं। खाद की सीमित बोरियां होने पर सभी किसानों को खतौनी देखकर एक-एक बोरी दी गई। किसानों की बेहिसाब भीड़ को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी में वितरण किया गया।
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खाद बंटने की जानकारी पर सुबह 6 बजे घर का काम-काज छोड़कर बारिश में भीगते हुए सहकारी समिति पर आकर लाइन में लग गए। तीन बोरी की जरूरत थी एक ही बोरी मिल सकी। -सीमा देवी, धिरामई
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परिवार के लोग मजदूरी करते हैं जो नहीं छोड़ी जा सकती। इसलिए पुरुषों के मजदूरी और बच्चों के स्कूल जाने पर हम मजबूरी में खाद लेने आए। शाम होने पर एक बोरी मिल सकी है। -उर्मिला देवी, विजयपुर