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दहेज हत्या के मामले में चार को सुनाई गई सजा
Etah
Updated Tue, 16 Sep 2014 05:30 AM IST
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एटा। दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या करने वाले ससुरालीजनों को कोर्ट ने सोमवार को सजा सुनाई है। कोर्ट नंबर पांच के न्यायाधीश ने पति को 10 साल, सास, ससुर व चचिया ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। जुर्माना भी लगाया है।
मामला 13 अप्रैल 2010 का है। जिला फीरोजाबाद थाना एका के गांव नगला केवल निवासी कमल सिंह ने बहन रेनू की शादी अवागढ़ के गांव नगला रूपी निवासी पृथ्वीराज के साथ की थी। शादी के कुछ साल बाद ही ससुरालीजन दहेज में बाइक, सोने की जंजीर की मांग करने लगे थे। मांग पूरी न होने पर 13 अप्रैल को फांसी लगाकर हत्या कर दी थी। मामले में कमल सिंह ने मृतका के पति पृथ्वीराज, ससुर रामब्रज, चचिया ससुर राजेश, देवर रणजीत, सास मायादेवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
सोमवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलील पेश की। अपर जिला जज कोर्ट नंबर पांच के न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी ने आरोपियों को दोषी माना। दोष सिद्ध होने पर अपर शासकीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव ने ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की। न्यायाधीश ने पति को 10 साल की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना और सास-ससुर, चचिया ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। देवर के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे बरी कर दिया।
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मामला 13 अप्रैल 2010 का है। जिला फीरोजाबाद थाना एका के गांव नगला केवल निवासी कमल सिंह ने बहन रेनू की शादी अवागढ़ के गांव नगला रूपी निवासी पृथ्वीराज के साथ की थी। शादी के कुछ साल बाद ही ससुरालीजन दहेज में बाइक, सोने की जंजीर की मांग करने लगे थे। मांग पूरी न होने पर 13 अप्रैल को फांसी लगाकर हत्या कर दी थी। मामले में कमल सिंह ने मृतका के पति पृथ्वीराज, ससुर रामब्रज, चचिया ससुर राजेश, देवर रणजीत, सास मायादेवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
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सोमवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलील पेश की। अपर जिला जज कोर्ट नंबर पांच के न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी ने आरोपियों को दोषी माना। दोष सिद्ध होने पर अपर शासकीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव ने ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की। न्यायाधीश ने पति को 10 साल की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना और सास-ससुर, चचिया ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। देवर के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे बरी कर दिया।
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