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रसोइयों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
Etah
Updated Mon, 30 Jun 2014 05:30 AM IST
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एटा। राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया एकता संघ के तत्वावधान में रविवार को पदाधिकारियों ने समस्याएं उठाईं। साथ ही कई महीनों से मानदेय न मिलने पर रोष जताया। समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री को फैक्स भेजा। साथ ही चेतावनी दी है कि समस्याओं का निस्तारण न होने पर भूख हड़ताल व रोड जाम की जाएगी।
संघ की प्रदेश अध्यक्ष काजल कटारिया ने कहा कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों को अब तक मानदेय नहीं मिला है। वहीं पहली जुलाई स्कूल खुलने पर नए रसोइयों को मध्यान्ह भोजन के लिए रखा जाएगा। ऐसे में पुराने रसोइयों को बिना मानदेय के निकालना उनके साथ अन्याय है। इसलिए संघ की मांग है कि पुराने रसोइयों को ही स्कूलों में तैनात किया जाए। महंगाई के हिसाब से 5,000 रुपये महीने मानदेय दिया जाए। साथ ही समय से महीने के प्रथम सप्ताह में मानदेय का भुगतान करने, हर वर्ष रसोइयों को बदलने की प्रक्रिया को समाप्त करने, कार्यरत रसोइयों के बच्चों को संबोधित स्कूलों में पढ़ने की अनिवार्यता खत्म करने, एमडीएम योजना को ठेकेदारी करने से रोकने की मांग की।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रंजना देवी, गजारानी, कमलादेवी, मोरश्री, हेमा देवी, रामवती, रामबेटी, लता देवी आदि मौजूद थीं।
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संघ की प्रदेश अध्यक्ष काजल कटारिया ने कहा कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों को अब तक मानदेय नहीं मिला है। वहीं पहली जुलाई स्कूल खुलने पर नए रसोइयों को मध्यान्ह भोजन के लिए रखा जाएगा। ऐसे में पुराने रसोइयों को बिना मानदेय के निकालना उनके साथ अन्याय है। इसलिए संघ की मांग है कि पुराने रसोइयों को ही स्कूलों में तैनात किया जाए। महंगाई के हिसाब से 5,000 रुपये महीने मानदेय दिया जाए। साथ ही समय से महीने के प्रथम सप्ताह में मानदेय का भुगतान करने, हर वर्ष रसोइयों को बदलने की प्रक्रिया को समाप्त करने, कार्यरत रसोइयों के बच्चों को संबोधित स्कूलों में पढ़ने की अनिवार्यता खत्म करने, एमडीएम योजना को ठेकेदारी करने से रोकने की मांग की।
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इस मौके पर जिलाध्यक्ष रंजना देवी, गजारानी, कमलादेवी, मोरश्री, हेमा देवी, रामवती, रामबेटी, लता देवी आदि मौजूद थीं।