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25 हजार बच्चे ही पा रहे सस्ती शिक्षा का लाभ

Sun, 29 Jun 2014 05:30 AM IST
Etah
Etah Updated Sun, 29 Jun 2014 05:30 AM IST
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कासगंज। शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए सरकारी प्रयास सफल नहीं हो पा रहे है। करीब पांच वर्ष पहले राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद भी जनपद में शिक्षा के हालात जस के तस बने हुए है। हालत यह है कि जिले में सरकारी व सस्ती शिक्षा का लाभ महज एक चौथाई बच्चे ही उठा पाते है। अन्य बच्चों कों महंगी शिक्षा ग्रहण करनी होती है।
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माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए पांच साल पहले राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान लागू किया गया था। इस अभियान के लागू होने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में पिछडे़ इस जनपद में सुधार की उम्मीद जगी थी। शासन की अनदेखी के चलते आज तक बच्चे बेहतर शिक्षा के साधनों के लिए चिंतित है। जनपद में वैसे तो 162 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, लेकिन इनमें से शासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालय लगभग पांचवा हिस्सा ही है। शासकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में तो शासन द्वारा निर्धारित फीस ही ली जाती है, लेकिन वित्त विहीन विद्यालय मनमानी फीस वसूलते हैँ। माध्यमिक स्तर पर पिछले सत्र में 1,00,085 बच्चों ने शिक्षा ग्रहण की। इनमें से मात्र 25,873 बच्चे ही शासकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर सके। शेष बच्चों को वित्त विहीन विद्यालयों में महंगी शिक्षा प्राप्त करनी पड़ी।
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मानक से 89 विद्यालय हैं कम
कासगंज। राष्ठ्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान लागू होने के बाद निर्धारित मानक के आधार पर विद्यालयों का सर्वे कराया गया था। सर्वे में के आधार पर 89 विद्यालय कम पाए गए थे। इन विद्यालयों की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर से कोई प्रयास नहीं हो रहे।
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पांच साल में दो विद्यालय हुए उच्चीकृत
कासगंज। शासकीय विद्यालयों की कमी को दूर करने के लिए शासन को बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। जिनमें से मात्र विद्यालयों को ही हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत किया गया। शेष विद्यालयों के प्रस्ताव शासन में लंबित चल रहे हैं।

जनपद में विद्यालयों की स्थिति
शासकीय विद्यालय 4
सहायता प्राप्त विद्यालय 28
वित्त विहीन विद्यालय 130
पिछले सत्र में वर्ग वार शिक्षारत बच्चों की संख्या
सामान्य वर्ग 12841
पिछड़ा वर्ग 59766
अनुसूचित जाति 18991
अल्पसंख्यक 8294
विकलांग 193


शिक्षकों की स्थिति
राजकीय विद्यालय 58
सहायता प्राप्त विद्यालय 302
वित्त विहीन विद्यालय 1766

नए शिक्षा सत्र में माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। विद्यालय स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था कराई जाएगी।
आर पी वर्मा जिला विद्यालय निरीक्षक
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