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संगीत इबादत का जरिया
Etah
Updated Thu, 07 Feb 2013 05:30 AM IST
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एटा। जम्मू कश्मीर में रॉक बैंड पर जारी फतबा को लेकर जनपदीय बुद्धिजीवियों में भी बहस शुरू हो गई है। गीतकार-साहित्यकारों ने इसे दु:खद और प्रतिभा पर चोट बताया। अधिकांश ने कहा कि इसे धर्म से जोड़ना भी अनुचित है।
जेएलएन पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. भूपेंद्र शंकर ने ऐसे फतवे को धर्म का दुरुपयोग करार दिया। इनका कहना है कि सूफी संगीत इस्लाम से निकला है। सूफियों की नजर में संगीत इबादत का दरिया है। ऐसे में संगीत पर प्रतिबंध तालिबानी फरमान है। उस्ताद विसमिल्लाह खां, उस्ताद अमजद अली खां जैसी प्रतिभाएं जहां शौहरत बटोर रहीं हैं, वहीं कुछ नई प्रतिभाओं पर ऐसे फरमान लोकतंत्र के लिए भी चुनौती हैं।
गीतकार और हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर ने इसे अभिव्यक्ति पर हमला बताया। वे कहते हैं कि औलिया की दरगाह पर भी संगीतमय धार्मिक आयोजन स्तुतियां होती हैं। ऐसे में इसे धर्म के नाम पर फतवा जारी कर प्रतिबंधित करना तानाशाही है।
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गजलकार सलीम कुरैशी ने ऐसे प्रतिबंध को कट्टरपंथियों की साजिश बताया। वे कहते हैं कि ऐसे फरमानों को धार्मिक नाम देना भी शर्मनाक है। वहीं प्रतिभा कुंठित होती है।
वहीं, शहर काजी वदूद अहमद ने कहा कि फूहड़ संगीत के लिए इस्लाम में कोई स्थान नहीं है। जब मुफ्ती ने फतवा जारी किया है तो सही ही होगा।
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जेएलएन पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. भूपेंद्र शंकर ने ऐसे फतवे को धर्म का दुरुपयोग करार दिया। इनका कहना है कि सूफी संगीत इस्लाम से निकला है। सूफियों की नजर में संगीत इबादत का दरिया है। ऐसे में संगीत पर प्रतिबंध तालिबानी फरमान है। उस्ताद विसमिल्लाह खां, उस्ताद अमजद अली खां जैसी प्रतिभाएं जहां शौहरत बटोर रहीं हैं, वहीं कुछ नई प्रतिभाओं पर ऐसे फरमान लोकतंत्र के लिए भी चुनौती हैं।
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गीतकार और हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर ने इसे अभिव्यक्ति पर हमला बताया। वे कहते हैं कि औलिया की दरगाह पर भी संगीतमय धार्मिक आयोजन स्तुतियां होती हैं। ऐसे में इसे धर्म के नाम पर फतवा जारी कर प्रतिबंधित करना तानाशाही है।
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गजलकार सलीम कुरैशी ने ऐसे प्रतिबंध को कट्टरपंथियों की साजिश बताया। वे कहते हैं कि ऐसे फरमानों को धार्मिक नाम देना भी शर्मनाक है। वहीं प्रतिभा कुंठित होती है।
वहीं, शहर काजी वदूद अहमद ने कहा कि फूहड़ संगीत के लिए इस्लाम में कोई स्थान नहीं है। जब मुफ्ती ने फतवा जारी किया है तो सही ही होगा।