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93 चिकित्सकों में से सिर्फ दो दर्जन तैनाती

Wed, 24 Aug 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
अमर उजाला ब्यूरो, एटा Updated Wed, 24 Aug 2016 11:31 PM IST
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93 chikitsakon mein se sirph do kee tainaatee
अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
संक्रामक रोगों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में डेंगू के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि जनपद में डेंगू ने अपनी दस्तक दे दी तो मरीजों को इलाज के लाले पड़ जाएंगे। इस संक्रामक रोग से निपटने के लिए विभाग के पास कोई इंतजाम नहीं है।
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जिले में चिकित्सा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। यहां चिकित्सा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो यहां पर छोटी मोटी बीमारी के ही इंतजाम हैं। एक लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। 93 चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र दो दर्जन चिकित्सक ही मौजूद हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां फिजिशियन तक की तैनाती नहीं है। मरीजों की जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति होती है। डेंगू जैसी बीमारी की जांच के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। पैथालॉजिस्ट की तैनाती न होने से यहां मरीजों को हमेशा ही दिक्कतें रहती हैं। इस समय जो सीजन चल रहा है उसमें डेंगू फैलने की संभावना काफी अधिक  रहती है। पिछले कई सालों से जनपद में लगातार डेंगू का प्रकोप रहा है। तमाम जाने भी गई हैं। पीड़ित मरीजों को  बाहर जाकर अपना इलाज कराना पड़ा। जिसमें काफी धन भी खर्च हुआ। विभाग ने कोई इंतजाम तक नहीं किए हैं।
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ये हैं लक्षण
तेज बुखार, जुकाम, खांसी का होना
बदन एवं पेट में दर्द की शिकायत होना
पैरों एवं हाथों में खुजली का होना
शरीर पर लाल रंग के चकत्ते निकलना
गंभीर स्थिति में शरीर में सूजन का आना

ऐसे करें रोकथाम
डेंगू का वाहक एडीज मच्छर अक्सर दिन में ही काटता है इसलिए पूरे बाजू के कपड़े पहने। 
कहीं पर भी पानी जमा कर न रखें। 
मच्छरों को भगाने वाली विधियों का प्रयोग करें।


डेेंगू की जांच के लिए खून में डेंगू पीसीआर, डेंगू आइजीजी या आइजीएम टेस्ट कराया जाता है। पीसीआर बुखार आने के पांच दिन बाद से पॉजिटिव हो सकता है। आइजीजी या आइजीएम सात दिनों बाद से पॉजिटिव हो सकता है। शुरू में रक्त में प्लेटलेट्स की कमी इस बीमारी की तरफ इशारा करती है। बुखार आने के सात दिनों बाद ही इसकी पुष्टि हो पाती है।  
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डेंगू की बीमारी के लिए विभाग के पास इंतजाम नहीं हैं। वार्ड बनाया गया है यदि कोई डेंगू पीड़ित मरीज आता है तो उसका सीरम जांच के लिए बाहर के जनपद भेजा जाएगा। विभाग ऐसे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराएगा।

                                             - रंगजीत दुबे सीएमओ
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