{"_id":"588e34e24f1c1b7c3de806d0","slug":"756-polio-booths-were-administerted","type":"story","status":"publish","title_hn":"756 बूथों पर पिलाई गई पोलियो की खुराक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
756 बूथों पर पिलाई गई पोलियो की खुराक
Amar Ujala
Updated Mon, 30 Jan 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
बच्चे के पोलियो खुराक देते अफसर।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पोलियो उन्मूलन अभियान के तहत रविवार को जिले के 756 बूथों पर नौनिहालों को खुराक पिलाई गई। अब सोमवार से टीमें घर-घर जाकर बचे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। डोर टू डोर अभियान में ईंट भट्ठे एवं हाई रिस्क क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी श्री निवास मिश्र ने सीएमओ कार्यालय पर बने बूथ पर नौनिहालों को दवा पिलाकर बूथ दिवस का शुभारंभ किया। कहा कि पोलियो रहित भारत का सपना साकार करने के लिए पांच साल तक के सभी बच्चों का पोलियो की खुराक पिलाना जरुरी है। एक भी बच्चा खुराक पीने से वंचित रहा, तो सुरक्षा चक्र टूट जाएगा। इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। सीएमओ डॉ रंगजी दुबे ने कहा कि 756 बूथ बनाकर पोलियो की खुराक पिलाई गई। डोर टू डोर अभियान के लिए 456 टीमें बनाई गई हैं। जनपद में 211 ईंट भट्ठे हैं। सभी भट्ठों के लिए भी टीमें बनाई गई हैं। जनपद में 68 इलाके हाईरिस्क श्रेणी में आते हैं। इन सभी इलाकों के लिए भी टीमें बनाई गईं हैं। अभियान में जो बच्चे दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उनके लिए बी टीम गठित की गई है। इन बच्चों के लिए ये टीम घरों पर पहुंच कर पोलियो खुराक पिलाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी श्री निवास मिश्र ने सीएमओ कार्यालय पर बने बूथ पर नौनिहालों को दवा पिलाकर बूथ दिवस का शुभारंभ किया। कहा कि पोलियो रहित भारत का सपना साकार करने के लिए पांच साल तक के सभी बच्चों का पोलियो की खुराक पिलाना जरुरी है। एक भी बच्चा खुराक पीने से वंचित रहा, तो सुरक्षा चक्र टूट जाएगा। इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। सीएमओ डॉ रंगजी दुबे ने कहा कि 756 बूथ बनाकर पोलियो की खुराक पिलाई गई। डोर टू डोर अभियान के लिए 456 टीमें बनाई गई हैं। जनपद में 211 ईंट भट्ठे हैं। सभी भट्ठों के लिए भी टीमें बनाई गई हैं। जनपद में 68 इलाके हाईरिस्क श्रेणी में आते हैं। इन सभी इलाकों के लिए भी टीमें बनाई गईं हैं। अभियान में जो बच्चे दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उनके लिए बी टीम गठित की गई है। इन बच्चों के लिए ये टीम घरों पर पहुंच कर पोलियो खुराक पिलाएगी।
विज्ञापन