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Etah News: जैथरा में संकुल शिक्षक पद से 43 ने दिया सामूहिक त्यागपत्र
Sat, 13 Jul 2024 12:20 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 13 Jul 2024 12:20 AM IST
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एटा। ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर प्रदेश भर में शिक्षक विरोध जता रहे हैं। सरकार की ओर से की जा रही सख्ती को लेकर विरोध के सुर और मुखर हो रहे हैं। शुक्रवार को ब्लॉक जैथरा में संकुल शिक्षक पद से 43 शिक्षकों ने सामूहिक रूप से त्याग पत्र दे दिया। वहीं जिलेभर में शिक्षकों ने कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। वहीं बीआरसी पर हस्ताक्षर अभियान चलाया।
ब्लॉक जैथरा में संकुल शिक्षक पद पर तैनात 43 शिक्षकों ने अपने दायित्वों से सामूहिक रूप त्यागपत्र दिया। खंड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में त्याग पत्र लिपिक को सौंपा। इनका आरोप है कि सरकार की ओर से ऑनलाइन उपस्थित के आदेश जारी करने के बाद शिक्षकों ने भी अपनी मांगें रखी थीं, इनको नहीं माना गया। हम लोग शिक्षण कार्य के अतिरिक्त किसी भी कार्य को करने में असमर्थ हैं। इसके चलते त्यागपत्र दे रहें। इसको स्वीकार किया जाए। त्याग पत्र देने वालों में विवेक प्रताप सिंह, अनुभव राठौर, रमन दीक्षत, अरुण तिवारी, उमेश चंद्र, मनीश कुमार वर्मा सहित 43 शिक्षक शामिल हैं।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ संबद्ध अभा प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने विद्यालयों में विरोध जताते हुए शिक्षण कार्य किया। जबकि उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश चौहान के नेतृत्व में ऑनलाइन उपस्थित दर्ज कराने अथवा नहीं कराने को लेकर दूसरे दिन भी हस्ताक्षर अभियान जारी रहा।
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उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी बिजेंद्र सिंह वर्मा को सौंपा। ऑनलाइन उपस्थित के आदेश को वापस लेने की मांग की। अवनीश यादव, अखिलेश कुमार, राजीव कुमार, अनिल कुमार, अरविंद कुमार वर्मा, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।
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असहमति पर किए हस्ताक्षर
मिरहची। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में उतरे शिक्षकों ने शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई व्यवस्था का जमकर विरोध किया। ब्लॉक मारहरा पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक व शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन हाजिरी से असहमत पर हस्ताक्षर किए। ब्लॉक संसाधन केंद्र कार्यालय मिरहची पर एकत्रित शिक्षकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की। संवाद
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शिक्षामित्रों ने भी जताया विरोध
उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने भी विरोध जताया। जिलाध्यक्ष सुद्योतकर यादव ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। कहा कि शिक्षामित्र 22 वर्षों से पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्र का समायोजन सुप्रीम कोर्ट से निरस्त होने के बाद 7 वर्षों से अल्प मानदेय में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सरकार पहले शिक्षामित्र की सभी मूलभूत समस्याओं का निदान करें और समान कार्य के बदले समान वेतन भी शिक्षामित्र को देने का काम करे। कोषाध्यक्ष पंकज चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष होशियार सिंह, राजीव कुमार, शीलेंद्र कुमार, सुग्रीव सिंह, शिवकुमार ,राम प्रकाश यादव आदि शिक्षामित्र उपस्थित थे।
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को खंड शिक्षाधिकारियों व अन्य कर्मियों को विद्यालयों पर भेजा गया। जैथरा में संकुल शिक्षकों का सामूहिक त्याग पत्र न मुझे मिला है और न खंड शिक्षाधिकारी को। इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। -दिनेश कुमार, बीएसए
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ब्लॉक जैथरा में संकुल शिक्षक पद पर तैनात 43 शिक्षकों ने अपने दायित्वों से सामूहिक रूप त्यागपत्र दिया। खंड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में त्याग पत्र लिपिक को सौंपा। इनका आरोप है कि सरकार की ओर से ऑनलाइन उपस्थित के आदेश जारी करने के बाद शिक्षकों ने भी अपनी मांगें रखी थीं, इनको नहीं माना गया। हम लोग शिक्षण कार्य के अतिरिक्त किसी भी कार्य को करने में असमर्थ हैं। इसके चलते त्यागपत्र दे रहें। इसको स्वीकार किया जाए। त्याग पत्र देने वालों में विवेक प्रताप सिंह, अनुभव राठौर, रमन दीक्षत, अरुण तिवारी, उमेश चंद्र, मनीश कुमार वर्मा सहित 43 शिक्षक शामिल हैं।
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उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ संबद्ध अभा प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने विद्यालयों में विरोध जताते हुए शिक्षण कार्य किया। जबकि उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश चौहान के नेतृत्व में ऑनलाइन उपस्थित दर्ज कराने अथवा नहीं कराने को लेकर दूसरे दिन भी हस्ताक्षर अभियान जारी रहा।
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उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी बिजेंद्र सिंह वर्मा को सौंपा। ऑनलाइन उपस्थित के आदेश को वापस लेने की मांग की। अवनीश यादव, अखिलेश कुमार, राजीव कुमार, अनिल कुमार, अरविंद कुमार वर्मा, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।
असहमति पर किए हस्ताक्षर
मिरहची। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में उतरे शिक्षकों ने शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई व्यवस्था का जमकर विरोध किया। ब्लॉक मारहरा पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक व शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन हाजिरी से असहमत पर हस्ताक्षर किए। ब्लॉक संसाधन केंद्र कार्यालय मिरहची पर एकत्रित शिक्षकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की। संवाद
शिक्षामित्रों ने भी जताया विरोध
उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने भी विरोध जताया। जिलाध्यक्ष सुद्योतकर यादव ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। कहा कि शिक्षामित्र 22 वर्षों से पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्र का समायोजन सुप्रीम कोर्ट से निरस्त होने के बाद 7 वर्षों से अल्प मानदेय में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सरकार पहले शिक्षामित्र की सभी मूलभूत समस्याओं का निदान करें और समान कार्य के बदले समान वेतन भी शिक्षामित्र को देने का काम करे। कोषाध्यक्ष पंकज चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष होशियार सिंह, राजीव कुमार, शीलेंद्र कुमार, सुग्रीव सिंह, शिवकुमार ,राम प्रकाश यादव आदि शिक्षामित्र उपस्थित थे।
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को खंड शिक्षाधिकारियों व अन्य कर्मियों को विद्यालयों पर भेजा गया। जैथरा में संकुल शिक्षकों का सामूहिक त्याग पत्र न मुझे मिला है और न खंड शिक्षाधिकारी को। इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। -दिनेश कुमार, बीएसए