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30 घंटे भूखे रहे नेपाल से लौट रहे खिलाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2016 10:32 PM IST
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नोट बंद होने की मार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने की मार नेपाल गए भारतीय खिलाड़ियों के एक दल ने भी झेली। वापस लौटते समय नोट बंद हो जाने के कारण रास्ते में इन्हें खाना मिला न पानी। करीब तीस घंटे तक यह भूखे प्यासे सफर करते रहे। बाद में इन्होंने रेलवे की हेल्प लाइन पर फोन किया और अपनी समस्या बताई। इसके बाद रेल प्रशासन ने ट्रेन के लखनऊ में इनके भोजन और पानी की व्यवस्था कराई।
नेपाल परंपरागत खेल ओलंपिक संघ ने आठ से 11 नवंबर तक पोखरा और काठमांडू नेपाल में एक अंतर्राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया था। इसमें भूटान, नेपाल, बांग्लादेश सहित कई देशों के खिलाड़ी शामिल हुए। भारत से भी एक दल इसमें भाग लेने गया था। कबड्डी टीम में कासगंज के भी 17 खिलाड़ी शामिल थे। कबड्डी की टीम ने जूनियर व सीनियर वग में स्वर्ण पदक जीता।
टीम के तकनीकी अधिकारी मोहित कुमार ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि 11 नवंबर को वह खिलाड़ियों के दल के साथ पोखरा से सोनाली बार्डर के लिए रवाना हुए थे। रवाना होने से पहले इन्होंने पोखरा में ब्रेकफास्ट किया था। 12 घंटे के सफर के बाद सोनाली बार्डर पर पहुंचे। लेकिन पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं चलने कारण कुछ नहीं मिला। कई दुकानों पर खिलाड़ियों ने संपर्क किया, लेकिन किसी ने पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं लिए। रात को ये गोरखपुर से लोक मान्य तिलक ट्रेन में सवार हुए। शनिवार को भूख से बेहाल हुए खिलाड़ियों ने रेलवे की हेल्प लाइन पर फोन कर अपनी व्यथा बताई। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही रेल प्रशासन ने इन्हें भोजन और पानी की बोतल उपलब्ध कराई। खिलाड़ियों ने इसके लिए रेल मंत्री का आभार भी जताया है।
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नेपाल परंपरागत खेल ओलंपिक संघ ने आठ से 11 नवंबर तक पोखरा और काठमांडू नेपाल में एक अंतर्राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया था। इसमें भूटान, नेपाल, बांग्लादेश सहित कई देशों के खिलाड़ी शामिल हुए। भारत से भी एक दल इसमें भाग लेने गया था। कबड्डी टीम में कासगंज के भी 17 खिलाड़ी शामिल थे। कबड्डी की टीम ने जूनियर व सीनियर वग में स्वर्ण पदक जीता।
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टीम के तकनीकी अधिकारी मोहित कुमार ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि 11 नवंबर को वह खिलाड़ियों के दल के साथ पोखरा से सोनाली बार्डर के लिए रवाना हुए थे। रवाना होने से पहले इन्होंने पोखरा में ब्रेकफास्ट किया था। 12 घंटे के सफर के बाद सोनाली बार्डर पर पहुंचे। लेकिन पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं चलने कारण कुछ नहीं मिला। कई दुकानों पर खिलाड़ियों ने संपर्क किया, लेकिन किसी ने पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं लिए। रात को ये गोरखपुर से लोक मान्य तिलक ट्रेन में सवार हुए। शनिवार को भूख से बेहाल हुए खिलाड़ियों ने रेलवे की हेल्प लाइन पर फोन कर अपनी व्यथा बताई। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही रेल प्रशासन ने इन्हें भोजन और पानी की बोतल उपलब्ध कराई। खिलाड़ियों ने इसके लिए रेल मंत्री का आभार भी जताया है।
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