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प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर से संतुष्ट नहीं एनएचएम
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प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर से संतुष्ट नहीं एनएचएम
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण में पढ़ाया जाएगा सफलता का पाठ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला स्तरीय प्रशिक्षण करा रहा है
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर में सुधार नहीं होने से एनएचएम संतुष्ट नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक लखनऊ ने इस बात को माना है कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर संस्थागत प्रसवों में कम नहीं हुई है। मातृ मृत्यु दर में लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि नहीं मिल पाने की वजह से फरवरी में लक्ष्य कार्यक्रम शुरू करना पड़ा है। एनएचएम इसका मुख्य कारण प्रसव केंद्रों पर मानव संसाधन एवं गुणवत्ता सेवाओं में अभाव मान रहा है।
लक्ष्य कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किए जाने के लिए क्वालिटी इमप्रोवमेंट साइकिल (गुणवत्ता सुधार चक्र) प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से शुरू किया गया है। इसके लिए लखनऊ स्तर पर एनएचएम के जिम्मेदारों को प्रशिक्षण दिया गया था और अब जिला स्तरीय एनएचएम से जुड़े कर्मचारियों का 25 से 27 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एमओआईसी, एलएमओ, स्टाफ नर्स, क्वालिटी मैनेजर को प्रशिक्षण में मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने का पाठ पढ़ाया जाएगा। डीपीएम डॉ. आरिफ का कहना है कि तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें एनएचएम की ओर से मातृ व शिशु मृत्यु दर कैसे कम की जाए, इस पर विशेष जोर देते हुए प्रसव के दौरान सावधानियां और बचाव की जानकारियां दी जाएंगी।
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लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण में पढ़ाया जाएगा सफलता का पाठ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला स्तरीय प्रशिक्षण करा रहा है
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर में सुधार नहीं होने से एनएचएम संतुष्ट नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक लखनऊ ने इस बात को माना है कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर संस्थागत प्रसवों में कम नहीं हुई है। मातृ मृत्यु दर में लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि नहीं मिल पाने की वजह से फरवरी में लक्ष्य कार्यक्रम शुरू करना पड़ा है। एनएचएम इसका मुख्य कारण प्रसव केंद्रों पर मानव संसाधन एवं गुणवत्ता सेवाओं में अभाव मान रहा है।
लक्ष्य कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किए जाने के लिए क्वालिटी इमप्रोवमेंट साइकिल (गुणवत्ता सुधार चक्र) प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से शुरू किया गया है। इसके लिए लखनऊ स्तर पर एनएचएम के जिम्मेदारों को प्रशिक्षण दिया गया था और अब जिला स्तरीय एनएचएम से जुड़े कर्मचारियों का 25 से 27 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एमओआईसी, एलएमओ, स्टाफ नर्स, क्वालिटी मैनेजर को प्रशिक्षण में मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने का पाठ पढ़ाया जाएगा। डीपीएम डॉ. आरिफ का कहना है कि तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें एनएचएम की ओर से मातृ व शिशु मृत्यु दर कैसे कम की जाए, इस पर विशेष जोर देते हुए प्रसव के दौरान सावधानियां और बचाव की जानकारियां दी जाएंगी।
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