फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   15 year old daughter insisted parents left her at police check pos refusing to keep her with them

UP: ऐसे मां-बाप किसी को न दे भगवान...15 वर्षीय बेटी का परित्याग, पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोई भावना

Thu, 07 Aug 2025 01:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 07 Aug 2025 01:43 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में 15 वर्षीय किशोरी को उसके माता-पिता ने पुलिस के पास छोड़ दिया। पुलिस किशोरी को माता-पिता के पास लेकर पहुंची, लेकिन उन लोगों ने बेटी को साथ रखने से साफ-साफ मना कर दिया।

विज्ञापन
15 year old daughter insisted parents left her at police check pos refusing to keep her with them
किशोरी का सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेटी ने मां से कहा कि छोटे भाई के साथ वह भी पढ़ना चाहती है। यह सुनकर मां का पारा चढ़ गया और उसने पहले तो बेटी को पीटा। उसके बाद पुलिस चेक पोस्ट पर छोड़कर चली गई। पुलिस बालिका को मां के पास लेकर गई, तो उसने अपने साथ रखने से मना कर दिया। इसके बाद उसे नोएडा के बाल आश्रय स्थल भेजा गया है। उसकी तहरीर पर माता-पिता के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन

पुलिस चेक पोस्ट पर छोड़ दी बेटी
जलेसर थाने में उपनिरीक्षक जयवीर सिंह ने बताया कि 25 जुलाई को सियादेवी गर्ल्स कॉलेज कैंपस में रहने वाली मालती देवी 15 वर्षीय पुत्री भावना को पुलिस चेक पोस्ट के पास छोड़कर चली गई। किशोरी को रोता देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी से पूछताछ की तो उसने बताया कि मां मालती देवी से भाई राम के साथ पढ़ाई कराने के लिए कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथ रखने से कर दिया मना
 मां ने पिता डिगंबर सिंह से शिकायत कर दी। नाराज पिता ने पिटाई की और मां पकड़कर खींचते हुए यहां छोड़कर चली गई। काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटी। पुलिसकर्मी भावना को बताए गए पते पर लेकर गए तो महिला ने अपने साथ रखने मना कर दिया। भावना ने माता-पिता के खिलाफ थाना जलेसर में उसका परित्याग किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
 
विज्ञापन

आश्रय स्थल भेजी गई किशोरी
मां एक स्कूल और अस्पताल में सफाईकर्मी का काम करती है और पिता दिल्ली में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करता है। वह बेटे राम को तो साथ ले गया मगर भावना को साथ रखने से मना कर दिया। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किशोरी को नोएडा स्थित बाल आश्रय स्थल में भेजा गया है। मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed